उच्च न्यायालय परिसर में बांटी समरसता खीर
जयपुर, 13 अप्रैल (हि.स.)। डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर अधिवक्ता परिषद राजस्थान जयपुर प्रांत की उच्च न्यायालय इकाई ने न्यायालय परिसर में एक अनूठी पहल की। परिषद ने किसी भी तरह के भव्य कार्यक्रम या मंचीय आयोजन से परहेज करते हुए 'समरसता खीर' का वितरण किया। इस मौके पर परिषद ने बाबा साहब के संदेश 'शिक्षित, संगठित और संघर्षशील' को आत्मसात करते हुए सरलता से यह आयोजन किया।
प्रांत महामंत्री अभिषेक सिंह ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम अधिवक्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना और उन्हें अंबेडकर जयंती के महत्व के बारे में जानकारी देना था। उन्होंने कहा, हम नहीं चाहते थे कि मंचीय कार्यक्रमों और नारेबाजी के बीच बाबा साहब का मूल संदेश छूट जाए। इसलिए हमने 'मंचीय कार्यक्रम' न करके सीधे अधिवक्ताओं से मिलने और उनके बीच समरसता का प्रतीक खीर वितरित करने का निर्णय लिया।
इस दौरान उच्च न्यायालय परिसर में काफी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। परिषद के इस प्रयास की सराहना करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी इसे सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला बताया।
इस अवसर अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबा और गुरुचरण सिंह गिल भी मौजूद रहे। वहीं, बार के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने भी इस आयोजन में शिरकत की और अधिवक्ताओं के साथ मिलकर खीर का वितरण किया। इसके अलावा परिषद से जुड़े कई अन्य अधिवक्ता भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। प्रांत के अध्यक्ष प्यारे लाल और राजस्थानके क्षेत्रीय मंत्री कमल परसावल भी उपस्थित रहे।
अधिवक्ता परिषद का कहना है कि आगे भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से वे अंबेडकर के विचारों को आम अधिवक्ताओं और लोगों तक पहुंचाते रहेंगे, जिसमें सादगी और प्रभावशीलता को प्राथमिकता दी जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

