अनूपपुर: हाथियों का उत्पात जारी, किसान के घर में 10वीं बार किया क्षतिग्रस्त
अनूपपुर, 03 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में छत्तीसगढ़ राज्य से पहुंचे चार हाथियों में से तीन हाथी जिला मुख्यालय से सटे खांडा गांव में उत्पात मचा रहे हैं। पिछले चार दिनों से हाथियों का दल दो हिस्सों में बंटकर अलग-अलग क्षेत्रों में तबाही फैला रहा है।
गुरुवार-शुक्रवार की रात हाथियों ने रिहायशी इलाकों में घुसकर ग्रामीणों के घरों और फसलों को निशाना बनाया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
बताया गया है कि तीन हाथियों का दल वन बीट पोंडी के जंगल में दिनभर आराम करने के बाद देर रात ग्राम पंचायत खांडा पहुंचा। हाथियों ने खांडा बांध के भराव क्षेत्र के किनारे स्थित ग्रामीण मोहन सिंह के खेत में बने मकान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़ित परिवार के अनुसार, यह 10वीं बार है जब हाथियों ने उनके घर में तोड़फोड़ की है। घटना के दौरान ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर हाथियों की निगरानी कर रहे थे। हाथियों को जंगल से उतरता देख ग्रामीण भागकर खांडा बांध की मेढ़ पर पहुंचे और खुद को बचाया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग का गश्ती दल मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हो सके। ग्रामीणों ने विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है।
वहीं, दूसरी ओर जैतहरी में एक अकेला बड़ा नर हाथी भी लगातार तबाही मचा रहा है। इस हाथी ने 1 जुलाई की रात ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव के कई टोलों और मोहल्लों में रातभर विचरण किया। इस दौरान उसने ग्रामीणों के खेतों, बाड़ियों और दो घरों में तोड़फोड़ की और वहां रखा अनाज खा गया। गुरुवार को दिनभर धनगवां बीट के आमापानी के जंगल में विश्राम करने के बाद, शाम होते ही यह हाथी दोबारा चोई गांव के भलुवान टोला में दाखिल हो गया। इसके बाद विचरण करते हुए वह पड़ोस की चोलना बीट से लगे चोई गांव के प्लांटेशन के अंदर चला गया। हाथियों की इस सक्रियता के कारण प्रभावित गांवों के लोग रातभर जागने को मजबूर हैं।
वन विभाग पर निगरानी नहीं बढ़ाने के आरोप
बारिश के कारण ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर घटना के बाद वन विभाग निगरानी बढ़ाने का दावा करता है, लेकिन सूचना देने के बावजूद अधिकारी और निगरानी दल समय पर मौके पर नहीं पहुंचते। ऐसे में ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर खुद ही हाथियों को खदेड़ने को मजबूर हैं। वहीं, वन परिक्षेत्राधिकारी अनूपपुर स्वर्ण गौरव सिंह ने कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी की जानकारी लगातार प्रसारित की जाती है। यदि ऐसी शिकायतें मिल रही हैं तो उनकी जांच कर कर्मचारियों को निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की मदद के निर्देश दिए जाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

