अनूपपुर: कोतमा लॉज हादसे पर प्रशासन सख्त, बिना अनुमति निर्माण पर होगा प्रकरण दर्ज
अनूपपुर, 07 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में 4 अप्रैल को हुए अग्रवाल लॉज हादसे में तीन मजदूरों की जान चली गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन पूरी तरह 'एक्शन मोड' में आ गया है।
मंगलवार को कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जिले में निर्माण कार्यों को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अवैध और असुरक्षित निर्माणों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘बिल्डिंग रूल्स’ प्रमाण-पत्र 7 दिन में जमा करें
कलेक्टर ने जिले के सभी भूमि स्वामियों को अल्टीमेटम देते हुए आगामी 7 दिनों के भीतर 'बिल्डिंग डेवलपमेंट रूल्स' के पालन का प्रमाण-पत्र जमा करने के निर्देश दिए हैं। बिना वैध अनुमति के पाए जाने वाले किसी भी नए निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाएगी और संबंधितों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
चिन्हित जर्जर और खतरनाक भवन होगे जमींदोज
कलेक्टर ने सभी जर्जर और असुरक्षित निजी और सरकारी भवनों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जन-धन की हानि रोकने के लिए ऐसी खतरनाक संरचनाओं को अविलंब ध्वस्त किया जाए। प्रशासन अब उन निर्माण कार्यों की सूची तैयार कर रहा है जहां सुरक्षा मानकों और बिल्डिंग बायलॉज की अनदेखी की गई है।
अधिकारियों की जवाबदेही तय, फील्ड मॉनिटरिंग के निर्देश
कलेक्टर हर्षल पंचोली ने मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट कर दी है। एसडीएम और तहसीलदार अपने क्षेत्रों में नए निर्माण कार्यों की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग करेंगे। सीएमओ और उपयंत्री नगरीय निकायों में शासन की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएंगे।
बैठक में कहा गया कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध या मानक विहीन निर्माण पाया जाता है, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। राजस्व और नगरीय निकाय के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार ही हों।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

