अशोकनगरः जिप अध्यक्ष ने की पंचायतों में वार्डों के शुद्धिकरण एवं पुनर्गठन हेतु प्रदेश स्तरीय अभियान की मांग
अशोकनगर, 25 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले सेे मध्यप्रदेश की ग्राम पंचायतों में वर्षों पुरानी सीमांकन व्यवस्था और मतदाता सूचियों में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए प्रदेश स्तर पर एक विशेष अभियान चलाने की मांग उठी है।
शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष राव अजय प्रताप सिंह यादव ने जानकारी में बताया कि मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र भेजकर प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में वार्डों के शुद्धिकरण और पुनर्गठन की त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
पुरानी जनसंख्या आधारित व्यवस्था से बढ़ रही हैं समस्याएं:राज्य निर्वाचन आयुक्त को भेजे पत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष ने उल्लेख किया कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों के वार्डों का गठन कई वर्ष पूर्व तत्कालीन जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर किया गया था। बीते वर्षों में गांवों का तेजी से विस्तार हुआ है, नए मोहल्ले अस्तित्व में आए हैं और बड़ी संख्या में परिवारों का स्थानांतरण हुआ है। इसके बावजूद वार्डों की सीमाओं में समयानुसार बदलाव नहीं किए गए, जिससे कई प्रशासनिक और व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
मतदाता सूची की विसंगतियों से मतदान प्रतिशत पर असर:अध्यक्ष ने ध्यान आकर्षित कराया कि वर्तमान में स्थिति यह है कि अनेक मतदाता जिस वार्ड में वर्षों से निवास कर रहे हैं, उनका नाम किसी अन्य वार्ड की मतदाता सूची में दर्ज है। मतदान के दिन मतदाताओं को अपने सही मतदान केंद्र तक पहुंचने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई बार नाम की अनभिज्ञता के कारण लोग मतदान से वंचित रह जाते हैं, जिससे मतदान प्रतिशत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होते हैं। यह समस्या केवल किसी एक जिले तक सीमित न होकर पूरे प्रदेश की अधिकांश ग्राम पंचायतों में बनी हुई है।
संयुक्त टीम द्वारा भौतिक सत्यापन की मांगआगामी पंचायत चुनावों से पूर्व इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग करते हुए अध्यक्ष ने राज्य निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि राजस्व, पंचायत एवं स्थानीय निर्वाचन विभाग की एक संयुक्त टीम गठित की जाए।
कहा गया कि यह टीम प्रत्येक ग्राम पंचायत में जाकर वार्डों का भौतिक सत्यापन आवश्यकता अनुसार वार्डों की सीमाओं का पुनर्गठन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि मतदाता का नाम उसी वार्ड में दर्ज हो, जहां वह वास्तव में निवास कर रहा है।
इस पहल से मतदाता सूचियां सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनेंगी। इससे न केवल आम मतदाताओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि पंचायत चुनाव भी निष्पक्ष, सुचारु और विवादरहित ढंग से संपन्न हो सकेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार

