अनूपपुर: जनजाति वर्ग के कल्याण एवं उत्थान के लिए आपसी समन्वय के साथ परिणाममूलक कार्य करें -अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य
अनूपपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। जिले के अधिकारी अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याण एवं उत्थान के लिए आपसी समन्वय के साथ परिणाममूलक कार्य करें। आयोग का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के जीवन में खुशहाली लाना, उनके चेहरे पर मुस्कान लाना तथा उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाना है।
यह बात मंगलवार को राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर आर्य कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में आयोजित जनजातीय वर्ग के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कही। उन्होंने कहा कि
भ्रमण के दौरान जनजातीय युवाओं से नियमित संवाद करें तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में विधिसम्मत और पारदर्शी कार्यवाही करें। प्रत्येक पात्र हितग्राही तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।
कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जिले की भौगोलिक स्थिति तथा जनजातीय समुदाय से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत चिन्हित सड़क विहीन ग्रामों एवं बसाहटों की प्रगति की विस्तार के बारे में ने बताया गया कि जिले में बैगा बहुल क्षेत्रों के 121 सड़क विहीन मार्ग चिन्हित किए गए थे। इनमें से 95 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष 26 मार्गों को प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं मजरा-टोला योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। इन मार्गों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर पूर्ण कराया जाएगा, जिससे दूरस्थ जनजातीय बस्तियों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि 41,948 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 38,236 आवास पूर्ण हो चुके हैं। वहीं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बैगा समुदाय के लिए स्वीकृत 3,907 आवासों में से 3,647 मकानों का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष ने सिकल सेल एनीमिया की स्थिति और नियंत्रण उपायों की जानकारी पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में 6 लाख 37 हजार 50 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है तथा सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम और जागरूकता के लिए गनियारी मॉडल के माध्यम से प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई।
अध्यक्ष ने जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित विद्यालयों, आश्रमों एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना तथा उपलब्धता की जानकारी लेते हुए आवश्यकतानुसार व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने शौचालयों के कार्यात्मक उपयोग को सुनिश्चित करने, अनुसूचित जनजातीय युवाओं के लिए नियमित स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित करने तथा आईटीआई के माध्यम से रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, ताकि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के बेहतर अवसर मिल सकें।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष ने जिले में वितरित व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार पट्टों, सामुदायिक दावों तथा अन्य लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर वन मंडलाधिकारी एवं सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग से वनाधिकार पट्टों के अनुमोदित और निरस्त मामलों की जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए कि जिन वनाधिकार दावों को निरस्त किया गया है, उनका पुनः परीक्षण किया जाए। यदि कोई पात्र जनजातीय परिवार लाभ से वंचित रह गया हो तो नियमानुसार उसे वनाधिकार पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जनजातीय समुदाय के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करें तथा योजनाओं में परिणाममूलक प्रगति करें।
बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष ने जिले में अनुसूचित जनजाति वर्ग की ‘लखपति दीदी’ की संख्या की जानकारी ली। बताया गया कि जिले में 10,720 अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाएं लखपति दीदी के रूप में आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। इस उपलब्धि पर अध्यक्ष ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। फसल बीमा योजना, मुद्रा योजना, आयुष्मान एवं स्वास्थ्य कार्ड योजना, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, आचार्य विद्यासागर योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

