महिला आरक्षण पर सियासी टकराव, कांग्रेस ने तत्काल लागू करने की मांग दोहराई

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महिला आरक्षण पर सियासी टकराव, कांग्रेस ने तत्काल लागू करने की मांग दोहराई


भोपाल, 20 अप्रैल (हि.स.)। महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। संसद में संबंधित संशोधन विधेयक पारित न होने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मांग की है कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को बिना देरी के लागू किया जाए।

वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री शोभा ओझा ने साेमवार काे भाेपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता काे संबाेधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण की पूरी तरह समर्थक है और 2029 का इंतजार किए बिना इसे मौजूदा लोकसभा सीटों पर ही लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की एकजुटता के कारण वह संशोधन पारित नहीं हो सका, जिसे कांग्रेस ने संविधान और लोकतांत्रिक ढांचे के लिए चिंताजनक बताया।

संसद में हुए मतदान का हवाला देते हुए कांग्रेस ने कहा कि कुल 528 मतों में से 298 पक्ष में और 230 विरोध में पड़े, जिसके चलते प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया। पार्टी का दावा है कि यह परिणाम विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ जनमत को दर्शाता है। कांग्रेस नेत्री ने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण उसकी विचारधारा का अहम हिस्सा रहा है। पार्टी ने पंचायत और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने सहित पूर्व में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया।

वहीं केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए शाेभा ओझा ने कहा कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर इसे लागू करने में अनावश्यक देरी की जा रही है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार इच्छुक हो, तो वर्तमान 543 लोकसभा सीटों के भीतर ही आरक्षण लागू किया जा सकता है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:महिला आरक्षण को तुरंत लागू किया जाएओबीसी महिलाओं के लिए उप-कोटा सुनिश्चित किया जाएजनगणना और परिसीमन को आरक्षण से अलग रखा जाएमहिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय की जाए

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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