आगरमालवाः नशे के खिलाफ मातृ शक्ति ने निकाली हल्ला बोल रैली, सौंपा ज्ञापन

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आगरमालवाः नशे के खिलाफ मातृ शक्ति ने निकाली हल्ला बोल रैली, सौंपा ज्ञापन


आगरमालवा, 28 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के आगरमालवा जिला मुख्यालय पर मंगलवार को नशे के खिलाफ भारतीय किसान संघ (मालवा प्रांत) की मातृशक्ति ने हाथों में तख्तियां एवं बैनर लिए एक प्रभावी हल्ला बोल रैली निकाली तथा कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर प्रीति यादव एवं पुलिस अधीक्षक के नाम सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि पूरे प्रदेश में शहरों, कस्बों एवं जिला मुख्यालयों के आसपास के क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों के निकट तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, शराब, ई-सिगरेट, चरस, गांजा, एम.डी., व्हाइटनर, पेट्रोल, आयोडेक्स एवं अन्य मादक पदार्थों का अवैध विक्रय एवं वितरण चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है। नाबालिग विद्यार्थियों एवं युवाओं में इन पदार्थों का बढ़ता प्रचलन उनके शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है, जिससे न केवल उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है, बल्कि मध्यमवर्गीय एवं गरीब परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से टूटते जा रहे हैं। परिवारों की मेहनत की कमाई नशे में नष्ट हो रही है, अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है और समाज की संरचना कमजोर हो रही है।

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि उक्त स्थिति केवल सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि गंभीर विधिक उल्लंघन का विषय भी है। नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक पदार्थ अधिनियम 1985 के अंतर्गत मादक एवं मनोप्रभावी पदार्थों के उत्पादन, भंडारण, विक्रय एवं वितरण पर कठोर दंड का प्रावधान है। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (सीओटीपीए) की धारा 6 के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री तथा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तंबाकू विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित है। किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत बच्चों को नशीले पदार्थों की आपूर्ति करना दंडनीय अपराध है। साथ ही मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के प्रावधान अवैध मदिरा विक्रय पर कठोर दंड का अधिकार प्रदान करते हैं। इन सभी विधिक प्रावधानों के होते हुए भी यदि शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक चैराहों के आसपास नशीले पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं, तो यह कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष संयुक्त अभियान चलाकर सघन जांच एवं छापामार कार्यवाही की जाए, नशे के अवैध विक्रेताओं एवं सप्लाई नेटवर्क पर कठोर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध निलंबन ध् निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाए, तथा नियमित पुलिस गश्त एवं निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही शिक्षण संस्थानों के सहयोग से नशा विरोधी जागरूकता अभियान, परामर्श कार्यक्रम एवं गोपनीय शिकायत तंत्र स्थापित किया जाए, जिससे विद्यार्थी एवं अभिभावक बिना भय के सूचना दे सकें।

ज्ञापन लेने के बाद कलेक्टर प्रीति यादव एवं सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा ने मातृशक्ति के इस प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाही का आश्वासन दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / रितेश शर्मा

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