रतलाम : इंदौर में जो हुआ है वह आज नहीं तो कल कई शहरों में होगा

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रतलाम : इंदौर में जो हुआ है वह आज नहीं तो कल कई शहरों में होगा


रतलाम, 1 जनवरी ( हि.स.)। मध्‍य प्रदेश रतलाम के पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने कहा कि इंदौर की घटना पीने की पाइप लाइन में सीवर की गंदगी के मिलने से हुई है। यह प्रक्रिया प्रत्येक उस शहर में हो रही है, जहां सीवरेज की पाइपलाइन डाली गई है । जो इंदौर में हुआ है वह धीमी गति से प्रत्येक शहर में घट रहा है। आज नहीं तो कल इस घटना की सारे शहरों में पुनरावृति होगी ।

सकलेचा ने कहां की जब तक सिवरेज योजना नहीं थी, सीवर की गंदगी नाली में बह जाया करती थी। योजना के बाद‌ सीवरेज के चेंबर सड़कों पर ओवरफ्लो होकर सड़कों पर गंदगी का तालाब बना रहे हैं और वाहन के माध्यम से पांव के माध्यम से पशु-पक्षी से वह गंदगी घरों में प्रवेश कर रही है।

सकलेचा के अनुसार प्रत्येक शहर की सीवरेज योजना में निम्न गुणवत्ता के पाइप का उपयोग किया गया, जिसके बारीक-बारीक छिद्रों से सीवर की गंदगी बाहर निकल कर पीने की पाइप लाइन में मिल रही है । पाइप के जॉइंट में किसी भी प्रकार का केमिकल लगाकर उसे एयर टाइट नहीं करने से सीवर का लिकेज हमेशा बना रहता है । सीवरेज की पाइप लाइन, पीने के पानी की पाइपलाइन से 4-6 फीट दूर होना चाहिए, इस नियम का कहीं भी पालन नहीं किया गया । अधिकांश जगह सीवरेज की लाइन और पानी की लाइन साथ-साथ चल रही है या ऊपर नीचे चल रही है तथा सीवरेज की पाइप लाइन की गहराई भी नियमानुसार नहीं है एवं पाइपलाइन के नीचे और ऊपर गिट्टी और सीमेंट का भराव भी नहीं किया गया है । खुदाई के समय जो मिट्टी निकाली थी, उसी को वापस भराव में डाल दिया गया है ।

सकलेचा ने कहा कि रतलाम में भी सीवरेज योजना के बाद से आधे शहर में गंदा पानी आ रहा है। कई स्थानों पर पानी में बदबू तथा कीड़े होते हैं । कांग्रेस पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान की एनजीटी में पीने के पानी में सीवर की गंदगी को‌ लेकर चल रही पिटीशन की सुनवाई में एनजीटी ने हाल ही में अपने आदेश में नगर निगम तथा प्रदूषण नियंत्रण मंडल को कड़ी फटकार लगाई है‌ ।

सकलेचा ने मांग की कि निरपराध 20 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु के जिम्मेदारों को कड़ी सजा देने के लिए, अन्य शहरों में इस घटना की पुनरावृत्ती रोकने के लिए, माननीय उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच आयोग का गठन किया जाना चाहिए ।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद जोशी

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