सिनेमा देखना भी एक कला: बॉलीवुड अभिनेता राजीव वर्मा
भोपाल, 25 मार्च (हि.स.)। सिनेमा देखना भी एक कला है। खासकर जो विद्यार्थी फिल्में बना रहे हैं उनमें सिनेमा देखने से विषयों के चयन की समझ बढ़ती है। विद्यार्थियों की बनाई फिल्में उनके शिक्षक और मार्गदर्शक देखें और उसकी विवेचना करें। यह कार्य पत्रकारिता में भी होता है। जो भी खबरें लिखी जाती हैं उनका विश्लेषण भी किया जाता है। इससे विषयों की समझ बढ़ती है। फिल्में बनाने वाले विद्यार्थियों को भी यह अभ्यास करना चाहिए । फिल्म देखना, उसे पसंद करना और फिर उसकी विवेचना करना बहुत जरूरी है।
एमसीयू के सिनेब्रेशन 3.0 कार्यक्रम में प्रख्यात बॉलीवुड अभिनेता राजीव वर्मा ने उक्त बातें विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई फिल्मों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के सिनेमा और जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव एवं फिल्म प्रदर्शनी समारोह “सिनेब्रेशन 3.0” का शुभारंभ मंगलवार को हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी, प्रख्यात फिल्म अभिनेता राजीव वर्मा तथा मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के निदेशक संजय श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि फिल्में आधुनिक समाज का प्रतिबिंब प्रस्तुत करती हैं, साथ ही पारंपरिक मूल्यों का सम्मान भी करती हैं। उन्होंने सिनेमा को तकनीक की एक बेहतरीन देन बताया। श्री तिवारी ने कहा कि आज हिंदी सिनेमा पूरी दुनिया तक पहुंचा है। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि छात्र सिनेमा के माध्यम से नई ऊंचाइयों को छूने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों को सामाजिक रूप से प्रासंगिक सिनेमा बनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उनकी फिल्मों में गहरी कहानी कहने की क्षमता, तकनीकी दक्षता और स्पष्ट सिनेमाई दृष्टि दिखाई देती है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस फिल्म उत्सव को आने वाले वर्षों में और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
सिनेब्रेशन के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के निदेशक संजय श्रीवास्तव ने फिल्म उत्सव की सराहना करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का बॉलीवुड में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और भोपाल को देश की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है।
सिनेमा एवं जनसंपर्क विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पवित्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शिक्षण और जन-जागरूकता का भी सशक्त साधन है।
कार्यक्रम के प्रथम दिन 3 अंतरराष्ट्रीय एवं 4 राष्ट्रीय सहित कुल 13 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इनमें प्रमुख रूप से ठग, सिग्नेचर, गुदुम बजा, अतिथि, सैलरी और किताब सहित अन्य फिल्में शामिल थीं। इन फिल्मों में भोपाल के प्रसिद्ध रंगकर्मी शोभा चटर्जी, हर्ष दाऊद, देवराज जोशी तथा अन्य चर्चित कलाकारों ने अभिनय किया है।
इस अवसर पर बॉलीवुड गीतों, नाटक, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर कैमरा और तकनीकी उपकरणों की अग्रणी कंपनियों सोनी और निकॉन द्वारा उनके नवीनतम फोटोग्राफी और वीडियो कैमरा सीरीज की प्रदर्शनी भी सिनेब्रेशन में लगाई है। सिनेमा पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी भी इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। इस कार्यक्रम में फिल्मों के पोस्टर्स की प्रदर्शनी भी दर्शकों को बहुत पसंद आ रही है।
सिनेब्रेशन के दूसरे दिन और अधिक फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ बॉलीवुड फिल्मों पर आधारित कॉसप्ले, नाटक एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

