अनूपपुर: बदहाल सड़क को लेकर दो गांवों में आक्रोश, ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
अनूपपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में बदहाल सड़कों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है।
गुरूवार को दो ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाली सड़क मौहारी और परसेल के सैकड़ों ग्रामीण नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने पुष्पराजगढ़ एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मौहारी-परसेल से सीधे जरही तक पहुंच मार्ग को दुरुस्त करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर चलने लायक सड़क का निर्माण या मरम्मत नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन करेंगे। साथ ही आगामी चुनाव का सामूहिक बहिष्कार करने की बात कहीं।
कच्ची सड़क से 5 गांवों के लोग परेशान
ग्रामीणों ने बताया कि मौहारी और परसेल से सीधे जरही तक जाने वाला मार्ग कच्चा और अत्यंत खराब है। इस रास्ते से आसपास के करीब 5 गांवों के लोग आवागमन करते हैं। स्कूली बच्चे, बीमार ग्रामीण और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोग इसी मार्ग पर निर्भर हैं। बारिश के दिनों में सड़क की हालत और खराब हो जाती है। कीचड़, जलभराव और गड्ढों के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि खराब सड़क के कारण कई बार एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने श्रमदान से बनाया था पैदल मार्ग
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने स्वयं श्रमदान कर पैदल चलने लायक रास्ता तैयार किया था। लेकिन लगातार हो रही भारी बारिश के कारण वह मार्ग फिर से खराब हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन और वादे ही मिले। उनका आरोप है कि आजादी के 80 साल बाद भी उनके गांवों तक बेहतर सड़क नहीं पहुंच सकी है।
'जमीन पर विकास नहीं, सिर्फ मिलते रहे आश्वासन'
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चुने हुए जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम दिखाई नहीं दिया। इसी वजह से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के विधायक पिछले करीब 15 वर्षों में अपने ससुराल गांव भालूचुआ और उससे जुड़े मार्गों की सड़क समस्या का भी समाधान नहीं करा सके। ग्रामीणों के अनुसार मौहारी, परसेल, भालूचुआ और आसपास के गांवों के लोग लंबे समय से बदहाल सड़कों की समस्या झेल रहे हैं।
मौहारी-देवरा और मौहारी-जरही मार्ग भी बदहाल
ग्रामीणों के अनुसार मौहारी से देवरा और मौहारी से जरही तक सड़क नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई जगह सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, पत्थर और बोल्डर पड़े हैं। बारिश के दौरान कीचड़ और जलभराव के कारण हालात और खराब हो जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है। बाइक फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं चार पहिया वाहनों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
स्कूली बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों को प्रतिदिन स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के दौरान कीचड़ और गड्ढों के कारण कई स्थानों पर पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। बाइक से बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाले अभिभावकों को भी दुर्घटना का डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या के कारण बच्चों की पढ़ाई और नियमित स्कूल पहुंचने पर भी असर पड़ रहा है।
12 किलोमीटर का रास्ता बना 30 किलोमीटर
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण तहसील तक पहुंचने में भी उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। जिस मार्ग से तहसील की दूरी करीब 12 किलोमीटर है, सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को दूसरे रास्ते से घूमकर करीब 25 से 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे न केवल समय अधिक लग रहा है, बल्कि आने-जाने का खर्च भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण उनकी वर्षों पुरानी और सबसे बड़ी मांग है।
7 दिन का अल्टीमेटम, फिर आंदोलन की चेतावनी
एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर कम से कम सड़क को आवागमन योग्य नहीं बनाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने आगामी चुनाव के सामूहिक बहिष्कार की चेतावनी देकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्रवाई पर टिकी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

