जबलपुरः न्यायालयिक विज्ञान तथा साइबर अपराध व साइबर सुरक्षा‘‘ विषय पर कार्यशाला का आयोजन

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जबलपुरः न्यायालयिक विज्ञान तथा साइबर अपराध व साइबर सुरक्षा‘‘ विषय पर कार्यशाला का आयोजन


जबलपुर, 23 अगस्त (हि.स.)। अभियोजन अधिकारियों, पुलिस अधिकारी एवं लोक अभियोजक के सर्वागीण विकास, कार्यदक्षता में वृद्धि एवं नवीन परिदृश्य के अनुरूप कार्य करने के लिए ‘‘अधिकारियों की कार्यदक्षता एवं संवर्धन हेतु न्यायालयिक विज्ञान तथा साइबर अपराध व साइबर सुरक्षा‘‘ विषय पर एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला होटल कृष्णा नेपियर टाउन जबलपुर में

रविवार को आयोजित की गई।

कार्यशाला में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल, कृष्णमूर्ति मिश्रा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश, राघवेन्द्र सिंह जिला कलेक्टर, संपत उपाध्याय पुलिस अधीक्षक, विजय कुमार उईके उप निदेशक अभियोजन भोपाल एवं महेन्द्र सिंह गौतम उप निदेशक अभियोजन भोपाल के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर इसका शुभारंभ किया गया ।

माननीय न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल द्वारा अपने उद्बोधन में बताया कि अभियोजन के कर्तव्य एवं अधिकारों के संबंध में बताया एवं न्यायालय में गवाहों के पक्ष विरोधी हो जाने के कारण बताया । अभियोजन को तीनों के प्रति आरोपी, पीड़ित, राज्य के प्रति निष्पक्ष रहना चाहिए। इस प्रकार की कार्यशाला से प्रतिभागी कार्य दक्षता में वृद्धि कर निष्पक्षता से कार्य करेंगे। राघवेन्द्र सिंह जिला कलेक्टर जबलपुर द्वारा कार्यशाला का उद्देश्य अभियोजन अधिकारी के ज्वलंत एवं समसामयिक डिजिटल एविडेंस के बारे में बताया एवं इस प्रकार की कार्यशाला से अभियोजन मजबूत होता है इससे निश्चित ही न्यायालय में न्यायिक प्रणाली में अपना पक्ष मजबूती से रखेगा।

माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीन कृष्णमूर्ति द्वारा साइबर अपराध एवं डीएनए पर कार्यशाला से ज्ञान में वृद्धि होगी और अभियोजन बेहतर रूप से कार्य करेंगे वर्तमान में साइबर क्राइम भयावह रूप लेते जा रहा है जिसमें जिला एवं सत्र न्यायधीश ने चिंता व्यक्त की एवं न्याय प्रणाली में अभियोजन की महत्वता को रेखांकित किया।

संपत उपाध्याय पुलिस अधीक्षक जबलपुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि साइबर अपराध में ओटीपी फ़्राड, एपीके फ़ाइल के द्वारा जो धोखाधड़ी हो रही है के प्रकरण में प्रकाश डाला एवं साइबर अपराधों अनुसन्धान में आ रही परेशानियों से अवगत कराया। साइबर अपराध में सीमावर्ती देशों से अलग अलग डिजिटल माध्यम से धोखाधड़ी की जा रही है जिन्हें पकड़ना एवं ट्रायल करने में होने वाली समस्याओं के बारे में बताया एवं साइबर अपराधों में ऑनलाइन रिपोर्ट1930 के बारे में जानकारी दी गई । ऐसी कार्यशाला से प्रतिभागियों के ज्ञान में वृद्धि होगी।

माननीय यशपाल सिंह सिसोदिया म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा सायबर अपराध एवं सायबर सुरक्षा(इलेक्ट्रॉनिक एवीडेन्स) विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया गया। माननीय डॉ. पंकज श्रीवास्तव (डी.एन.ए. एक्सपर्ट) आरएफएसएल जबलपुर द्वारा न्यायालयिक विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया गया।

माननीय महेन्द्र सिंह गौतम उप निदेशक (अभियोजन) भोपाल द्वारा विभागीय जांच के नियम एवं उसकी प्रक्रिया पर विस्तृत व्याख्यान दिया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य, ज्ञान एवं प्रतिभा संवर्धन पर, कार्यो मे आई चुनौतिया एवं उनके समाधान पर डीएनए एवं सायबर अपराध एवं सायबर सुरक्षा(इलेक्ट्रॉनिक एवीडेन्स) के विषय पर चर्चा की गई । उप निदेशक के.एस. मुवेल द्वारा अतिथियों का धन्यवाद किया गया।

कार्यशाला के अंतर्गत सम्मिलित सभी जिले छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, मण्डला, डिण्डोरी एवं जबलपुर के अभियोजन अधिकारीगण, लोक अभियोजक अपर लोक अभियोजक एवं जबलपुर जिले के पुलिस अधिकारीगण एवं जिला अभियोजन संचालनालय के कर्मचारीगण उपस्थित रहे। महानिदेशक लोक अभियोजन भोपाल मध्यप्रदेश माननीय शिल्पा गुप्ता के मार्गदर्शन में उक्त कार्यशाला का आयोजन उप निदेशक अभियोजन के.एस. मुवेल द्वारा सम्पन्न कराया गया।

कार्यशाला के समापन पर उप निदेशक हनुमंत शर्मा, संदीप पाण्डे, पुष्पलता साहू, प्रशांत शुक्ला, सहायक निदेशक संदीप कुमार जैन, अभिषेक दीक्षित, उप निदेशक अभियोजन हनुमंत किशोर शर्मा द्वारा मुख्य अतिथि, व्याख्याता, अन्यत्र जिलों से उपस्थित हुए अभियोजन अधिकारी एवं स्टाफ को कार्यशाला के सफलतापूर्वक संपन्न कराए जाने पर सभी का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन चौधरी विक्रम सिंह विशेष लोक अभियोजक जबलपुर द्वारा किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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