संसद में विपक्ष के विरोध पर भोपाल में वीएचपी-बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन, राहुल गांधी का पुतला फूंका
- राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर विपक्ष के प्रदर्शन को बताया हिंदुओं की आस्था का अपमान
भोपाल, 01 जुलाई (हि.स.) । संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर विपक्ष के प्रदर्शन के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला जलाया और उनके चित्र पर गोबर पोता। व्यापम चौराहे से शुरू हुए इस विरोध मार्च के दौरान लिंक रोड पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की देखने को मिली।
दरअसल, संसद के मानसून सत्र के दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और विपक्षी सांसदों द्वारा राम मंदिर चढ़ावे में अनियमितताओं को लेकर किए गए प्रदर्शन पर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल ने कड़ी आपत्ति जताई। जिसके विरोध में शनिवार को भोपाल की सड़कों पर बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता उतर आए। व्यापम चौराहे पर एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने लिंक रोड की ओर मार्च किया। पुलिस ने पहले ही बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जहां बैरिकेड्स पार करने की कोशिश में पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा।
राहुल गांधी और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राम विरोधी होश में आओ और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के पुतले के चेहरे पर गोबर पोता और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। हिंदू संगठनों के नेताओं का आरोप है कि संसद परिसर में संत वेश धारण कर और रामलला के चित्र का उपयोग कर करोड़ों रामभक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है।
राजनीतिक लाभ के लिए रामलला को बदनाम करने की साजिश
विहिप मध्यभारत के प्रांत सह मंत्री जितेंद्र चौहान और मध्य प्रदेश संत समाज के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी अनिलानंद ने प्रदर्शन पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि जो लोग वर्षों तक राम मंदिर निर्माण को रोकते रहे, वे अब भगवान राम को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। चढ़ावे में गड़बड़ी के सवालों पर कहा कि मामले की एसआईटी जांच चल रही है, मुख्य आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है और सुप्रीम कोर्ट इसकी निगरानी कर रहा है, ऐसे में इस मुद्दे पर राजनीति का कोई औचित्य नहीं है।
पप्पू यादव के साधु के वेश में संसद परिसर पर प्रदर्शन करने पर चौहान ने कहा कि यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य था। यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान है। उन्होंने कहा कि रामलला के चित्र को जमीन पर रखना उससे भी अधिक आपत्तिजनक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

