(अपडेट) संत रविदास की 650वीं जयंती पर भोपाल से सामाजिक समरसता का संदेश, कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ

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(अपडेट) संत रविदास की 650वीं जयंती पर भोपाल से सामाजिक समरसता का संदेश, कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ


(अपडेट) संत रविदास की 650वीं जयंती पर भोपाल से सामाजिक समरसता का संदेश, कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ


भोपाल, 18 अगस्त (हि.स.)। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश में सामाजिक समरसता का व्यापक अभियान शुरू किया गया है।

राजधानी भोपाल में मंगलवार काे आयोजित प्रदेश स्तरीय कलश वंदन यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य और वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम ने संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सामाजिक भेदभाव समाप्त करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन हुआ। समारोह के समापन पर अतिथियों ने कलश वितरित किए और ध्वज दिखाकर कलश वंदन यात्रा को रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने उपस्थित संतों एवं समाजजनों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।

संत रविदास के विचारों को जीवन में उतारने की जरूरत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संत रविदास महाराज का जीवन भक्ति, कर्म, मानवता, समानता और सामाजिक समरसता का प्रेरक संदेश देता है। उनकी 650वीं जयंती वर्ष को मध्यप्रदेश में श्रद्धा, भव्यता और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा। सरकार का प्रयास रहेगा कि संत रविदास के विचार केवल आयोजनों और स्मरण तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और नई पीढ़ी के आचरण का हिस्सा बनें।

उन्होंने कहा कि संत रविदास ने कठिन सामाजिक परिस्थितियों में भी मानवता, समानता और भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा। उन्होंने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव, ऊंच-नीच और छुआछूत के बीच समरसता का रास्ता दिखाया। आज आवश्यकता है कि समाज में मौजूद इन विसंगतियों के साथ-साथ मन के अहंकार को भी दूर किया जाए और सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।

मुख्यमंत्रीडॉ. यादवने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सामाजिक समरसता और वंचित वर्गों के सम्मान की भावना को आगे बढ़ाया जा रहा है। संत रविदास के संदेश भी इसी व्यापक मानवीय दृष्टिकोण से जुड़े हैं। उन्होंने संत रविदास के प्रसिद्ध संदेश ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि मन की पवित्रता और मानवता को सर्वोच्च स्थान देना ही संत परंपरा की मूल भावना है।

सागर के स्मारक का लोकार्पण कराने की तैयारी

मुख्यमंत्रीडॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर सागर में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे संत रविदास स्मारक एवं तीर्थस्थल का भव्य लोकार्पण कराने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां संत रविदास के चरण पड़े, उन स्थलों को भी विकसित और संवारा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में संत शिरोमणि गुरु रविदास के नाम से गुरुद्वारा निर्माण कराए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार, समाज और भाजपा संगठन मिलकर जयंती वर्ष के कार्यक्रमों में भागीदारी करेंगे। यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि संत रविदास के कर्मयोग, भक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

सात माह चलेगा समरसता संकल्प अभियान: हेमंत खण्डेलवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर शुरू किया जा रहा समरसता संकल्प अभियान केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का व्यापक अभियान है। उन्होंने बताया कि यह अभियान गुरु पूर्णिमा से शुरू होकर संत रविदास जयंती तक करीब सात माह चलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता अभियान को प्रदेश के प्रत्येक जिले, मंडल, शक्ति केंद्र और गांव तक लेकर जाएंगे। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से संत रविदास के जीवन, संघर्ष, दर्शन और सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जाएगा।

हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि संत रविदास ने सदियों पहले समाज को जाति, ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता एवं समानता के आधार पर एकजुट होने का संदेश दिया था। आज विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ते देश के लिए सामाजिक एकता और समरसता सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि अभियान को केवल प्रदेश स्तरीय आयोजन तक सीमित न रखते हुए गांव-गांव तक पहुंचाएं और समाज के प्रत्येक वर्ग से संवाद स्थापित करें।

संत रविदास सामाजिक चेतना के महान प्रवर्तक : केंद्रीय मंत्री उइके

केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि संत रविदास केवल संत नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता के संदेशवाहक, मानवता के उपासक और सामाजिक चेतना के महान प्रवर्तक थे। उनकी वाणी और जीवन ने समाज को यह संदेश दिया कि ईश्वर की दृष्टि में सभी मनुष्य समान हैं और व्यक्ति की वास्तविक महानता उसके आचरण, चिंतन और चरित्र से होती है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता का अर्थ है कि किसी व्यक्ति को जाति अथवा आर्थिक स्थिति के आधार पर छोटा न समझा जाए और एक-दूसरे के सम्मान को अपना सम्मान माना जाए। ‘संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ उनके विचारों और वाणी को जन-जन तक पहुंचाने का व्यापक प्रयास है। कलश वंदन के माध्यम से संत रविदास की जन्मस्थली की पावन मिट्टी से पूजित कलश प्रदेश के विभिन्न जिलों और मंडलों तक पहुंचाए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके ने जहां संत रविदास को सामाजिक चेतना का प्रवर्तक बताया, वहीं भाजपा नेताओं ने उनकी शिक्षाओं को वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक बताया। वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास की वाणी समाज को जातिगत विभाजन से ऊपर उठकर मानवता, समानता और सद्भाव के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।

गांव-गांव पहुंचेगा संत रविदास का संदेश : लाल सिंह आर्य

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक समरसता, मानव कल्याण, समानता और कर्म की प्रधानता का संदेश दिया। 650वीं जयंती का उद्देश्य केवल जन्मजयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं, बल्कि उनके विचारों और वाणी को गांव-गांव तक पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत संत संपर्क, कलश वंदन, छात्रावास संपर्क और समरसता यात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रम होंगे। जिला मुख्यालयों पर कलश पहुंचने के बाद मंदिरों में उनकी स्थापना, पूजन, भजन तथा संत रविदास के जीवन-दर्शन पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 20 अगस्त को प्रदेशभर में कलश वंदन कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।

लाल सिंह आर्य ने कहा कि इसके बाद मंडल और पंचायत स्तर तक कलश यात्राएं निकाली जाएंगी। छात्रावास संपर्क अभियान के माध्यम से अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावासों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में युवाओं तक संत रविदास के विचार पहुंचाए जाएंगे।

घर-घर पहुंचेगी संत रविदास की वाणी : दुष्यंत गौतम

भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित समरसता संकल्प अभियान सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने सदियों पहले समानता, एकता और सद्भाव का संदेश देते हुए जाति-पंथ के भेदभाव का विरोध किया और कर्म की श्रेष्ठता को समाज के सामने रखा।

उन्होंने कहा कि कलशों को प्रदेश के जिलों, मंडलों और मंदिरों तक पहुंचाकर संतों एवं समाज के प्रमुख लोगों के माध्यम से गुरु रविदास की वाणी और सामाजिक समरसता का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा। संत रविदास के विचारों से प्रेरणा लेकर सामाजिक एकता को मजबूत करना प्रत्येक कार्यकर्ता और समाज की जिम्मेदारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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