उज्जैनः एसपी ने टीआई सहित पांच थाना स्टॉफ को दी परेड की सजा
उज्जैन, 04 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को लंबित रखना उज्जैन शहर के पांच थानों के पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया। लगातार प्रयासों के बावजूद शिकायतों के निराकरण में पिछडऩे पर थाना माधवनगर, चिमनगंज, कोतवाली, खाराकुआं और अजाक की रैंकिंग बी श्रेणी में पहुंच गई। इस पर एसपी प्रदीप शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए पांचों थानों के टीआई से लेकर सिपाही तक को परेड करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को इन थानों का पूरा स्टाफ पुलिस लाइन में प्रात: 6 बजे उपस्थित होकर परेड करेगा।
गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे है। बावजुद इसके शिकायतों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। एसपी प्रदीप शर्मा ने शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष रूप से माधवनगर, चिमनगंज मंडी, कोतवाली, खाराकुआ और अजाक थाने में निरीक्षक स्तर के अधिकारी को तैनात किया था। उसके बाद भी स्थिति जस की तस रही। शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं होने से पांच थानों की रैंकिंग में सुधार नहीं हो सका। जिसके कारण पांचों थाने बी श्रेणी में आ गए। अधिकारियों का मानना है कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते रहते हैंं।
एसपी बोले: पूरा स्टॉफ जवाबदेहएसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार पीएचक्यू शिकायतों के निराकरण को लेकर गंभीर है। यहीं कारण है कि खराब रैंकिंग के लिए थाना प्रभारियों के साथ पूरे स्टाफ को जवाबदेह बनाया है। थाना प्रभारी से लेकर आरक्षक तक को परेड की सजा दी गई है। शुक्रवार प्रात: 6 बजे पांचों थानों का पूरा अमला परेड के लिए पुलिस लाइन नागझिरी पहुंचेगा। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर निराकरण कराने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जिन थानों का प्रदर्शन कमजोर रहेगा, वहां इसी तरह सख्ती बरती जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / क्षितिज

