उज्जैन सिंहस्थ 2028 : आधुनिक तकनीक और कड़े समन्वय से होगा सुरक्षित आयोजन: डीजीपी

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उज्जैन सिंहस्थ 2028 : आधुनिक तकनीक और कड़े समन्वय से होगा सुरक्षित आयोजन: डीजीपी


भोपाल, 06 मई हि.स.)। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के सफल और सुरक्षित आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार, भोपाल में पुलिस, रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित हुई, जिसमें भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन के लिए सभी एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ 2025 के अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक रहने की संभावना है, इसलिए पहले से ही चरणबद्ध और वैज्ञानिक योजना तैयार की जा रही है।

डीजीपी ने निर्देश दिए कि भीड़ नियंत्रण के लिए संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए और प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान विशेष ट्रैफिक एवं क्राउड मैनेजमेंट प्लान लागू किया जाए। उन्होंने एंट्री और एग्जिट मार्ग अलग-अलग रखने, अंतिम समय में प्लेटफॉर्म परिवर्तन से बचने और प्रमुख स्टेशनों पर सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।

उज्जैन, इंदौर, रतलाम, भोपाल सहित ओंकारेश्वर रोड और सीहोर के स्टेशनों पर इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ करने, फुटओवर ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने, संकेतक और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन पर भी जोर दिया गया।

अपराध नियंत्रण को लेकर जीआरपी और आरपीएफ को सतर्क रहने, इंटेलिजेंस सिस्टम मजबूत करने और सभी प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आपात स्थितियों से निपटने के लिए संयुक्त त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किए जाएंगे।

बैठक में प्रयागराज महाकुंभ के अनुभव साझा करते हुए उत्तरप्रदेश के डीजी (रेल) ने मल्टी-लेवल क्राउड मैनेजमेंट, होल्डिंग एरिया, साइनएज, कलर कोडिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी बताया। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) और डिजिटल समन्वय को भी अहम बताया गया।

डीजी आरपीएफ सोनाली मिश्रा ने विभिन्न रेलवे जोनों के बीच बेहतर तालमेल, अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन, संयुक्त प्रशिक्षण और एनडीआरएफ के साथ समन्वय पर बल दिया।

उज्जैन में प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ 2028 का आयोजन 9 अप्रैल से 8 मई तक प्रस्तावित है, जिसमें करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। शाही स्नान के दिनों में एक ही दिन में लगभग 5 करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इसके लिए 3100 हेक्टेयर क्षेत्र में मेला विकसित किया जा रहा है और घाटों का विस्तार करीब 37 किलोमीटर तक किया जाएगा।

रेलवे द्वारा 2016 की तुलना में तीन गुना अधिक विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई गई है। साथ ही शॉर्ट डिस्टेंस मेला ट्रेनें, डायनेमिक टाइम टेबल, डबल हेडेड ट्रेन संचालन और प्लेटफॉर्म प्रबंधन की विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि सभी प्रमुख स्टेशनों पर एआई आधारित क्राउड मॉनिटरिंग, बैकअप पावर, साइबर सुरक्षा, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और एक्सेस कंट्रोल को मजबूत किया जाएगा। मेडिकल टीमों की तैनाती और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

अधिकारियों ने विश्वास जताया कि बेहतर योजना, तकनीक के उपयोग और मजबूत समन्वय के माध्यम से सिंहस्थ 2028 का आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

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