उज्जैन: महाकाल के दरबार में पहुंचीं मंत्री निर्मला भूरिया, नंदी हॉल में किया पूजन, व्यवस्थाओं काे सराहा

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उज्जैन: महाकाल के दरबार में पहुंचीं मंत्री निर्मला भूरिया, नंदी हॉल में किया पूजन, व्यवस्थाओं काे सराहा


उज्जैन: महाकाल के दरबार में पहुंचीं मंत्री निर्मला भूरिया, नंदी हॉल में किया पूजन, व्यवस्थाओं काे सराहा


उज्जैन, 17 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने शुक्रवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर विधिवत पूजन किया और मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना की।

मंत्री भूरिया गुरुवार को कालिदास अकादमी में आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने उज्जैन आई थीं। इसके बाद शुक्रवार सुबह वे विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर पहुंचीं, जहां मंदिर के पुजारियों ने पूरे विधि-विधान से उनका पूजन संपन्न कराया। करीब आधे घंटे तक मंदिर में रहकर उन्होंने भगवान महाकाल का ध्यान किया। दर्शन के बाद महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस दौरान भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री प्रमिला यादव भी उनके साथ मौजूद रहीं।

मीडिया से बातचीत में मंत्री भूरिया ने कहा कि उन्हें बाबा महाकाल के “अद्भुत दर्शन” प्राप्त हुए। उन्होंने मंदिर की स्वच्छता, सुंदरता और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां आकर एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति होती है। उन्होंने यह भी कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का यहां आना मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है।

भस्म आरती में पंचामृत से अभिषेक, दिव्य श्रृंगार से सजे महाकाल

शुक्रवार तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के साथ भगवान महाकाल के कपाट खोले गए। परंपरा अनुसार सबसे पहले सभा मंडप में स्वस्तिवाचन किया गया और वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर गर्भगृह के पट खोले गए। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और दूध, दही, घी, शक्कर, शहद व फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष पूजन किया गया। पूजन के उपरांत कर्पूर आरती हुई।

नंदी हॉल में नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। इसके पश्चात भगवान महाकाल को रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और विभिन्न आभूषणों से अलंकृत किया गया। भांग, चंदन, ड्रायफ्रूट और भस्म अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया। भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाला, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं पहनाई गईं। फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं। पूरे मंदिर परिसर में “जय महाकाल” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया, जिससे वहां उपस्थित हर व्यक्ति आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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