(अपडेट) उज्जैन महाकाल के दरबार पहुंचे प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर, भस्म आरती में हुए शामिल, नंदी के कान में कही मनोकामना

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(अपडेट) उज्जैन महाकाल के दरबार पहुंचे प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर, भस्म आरती में हुए शामिल, नंदी के कान में कही मनोकामना


उज्जैन, 05 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाई। उन्होंने प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कैलाश खेर सुबह करीब 3 बजे मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दिव्य दर्शन किया। करीब दो घंटे तक आरती में शामिल रहने के बाद उन्होंने नंदी महाराज का पूजन-अभिषेक किया तथा परंपरा के अनुसार नंदी के कान में अपनी मनोकामना व्यक्त की। इसके बाद चांदी द्वार से भगवान महाकाल को पुजारी के माध्यम से जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने उनका पुष्पमाला और प्रसाद भेंट कर सम्मान किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनके साथ सेल्फी भी ली।

महाकाल के दरबार में पहुंचना सौभाग्य

दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा में कैलाश खेर ने कहा कि महाकाल के दरबार में पहुंचना अपने आप में परम सौभाग्य है। उन्होंने कहा, जो व्यक्ति बाबा महाकाल के चरणों में पहुंच जाता है, उसके जन्मों के पाप भी धुल जाते हैं। भस्म आरती के दर्शन होना भगवान की विशेष कृपा का प्रतीक है। उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए उत्कृष्ट प्रबंधन किया जा रहा है।

त्रिपुंड, त्रिनेत्र और चंद्र से सजा बाबा का दिव्य स्वरूप

शुक्रवार काे ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष पंचमी पर संपन्न भस्म आरती में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। जलाभिषेक और पंचामृत पूजन के बाद भगवान का भांग, चंदन, भस्म तथा सुगंधित पुष्पों से अलंकरण किया गया। उन्हें रजत मुकुट, रजत मुण्डमाला, रुद्राक्ष की माला और आभूषण धारण कराए गए। विशेष श्रृंगार में त्रिपुंड, त्रिनेत्र और चंद्रमा से सुसज्जित बाबा महाकाल का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा।

महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से परंपरा अनुसार भस्म अर्पित की गई। शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न भस्म आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के जयघोष से गूंज उठा। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए कतारों में खड़े रहे। दिव्य भस्म आरती और अलौकिक श्रृंगार के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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