उज्जैन: महाकाल के दरबार में सितारों की आस्था, अक्षय-टाइगर ने नंदी के कान में मांगी मनोकामना, डिंपल कपाड़िया भी रहीं साथ

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उज्जैन: महाकाल के दरबार में सितारों की आस्था, अक्षय-टाइगर ने नंदी के कान में मांगी मनोकामना, डिंपल कपाड़िया भी रहीं साथ


उज्जैन: महाकाल के दरबार में सितारों की आस्था, अक्षय-टाइगर ने नंदी के कान में मांगी मनोकामना, डिंपल कपाड़िया भी रहीं साथ


उज्जैन: महाकाल के दरबार में सितारों की आस्था, अक्षय-टाइगर ने नंदी के कान में मांगी मनोकामना, डिंपल कपाड़िया भी रहीं साथ


उज्जैन: महाकाल के दरबार में सितारों की आस्था, अक्षय-टाइगर ने नंदी के कान में मांगी मनोकामना, डिंपल कपाड़िया भी रहीं साथ


उज्जैन, 01 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के बॉलीवुड सितारों की गहरी आस्था देखने को मिली। मशहूर फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार, टाइगर श्राफ और वरिष्ठ अभिनेत्री डिंपल कपाडिया बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। तीनों कलाकारों ने पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भगवान महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। मंदिर में उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देश-दुनिया की खुशहाली की कामना की।

बुधवार सुबह करीब 6 बजे मंदिर पहुंचे इन कलाकारों ने नंदी हाल में बैठकर भगवान महाकाल का ध्यान और जाप किया। अक्षय कुमार और टाइगर श्राफ ने नंदी महाराज का पूजन कर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कहीं। इसके बाद तीनों ने गर्भगृह की देहरी से दर्शन कर भगवान को जल अर्पित किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन करने के बाद अक्षय कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार के साथ-साथ देश की उन्नति और समृद्धि के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की। दर्शन उपरांत मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने तीनों कलाकारों का पारंपरिक स्वागत किया और प्रसाद व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

मंदिर परिसर में उमड़ी फैंस की भीड़

अक्षय कुमार और टाइगर श्राफ के मंदिर पहुंचने की खबर मिलते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बन गया। जैसे ही कलाकार मंदिर से बाहर निकले, प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अपने पसंदीदा सितारों के साथ सेल्फी और फोटो लेने को उत्साहित नजर आया।

भस्म आरती में सजा बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप

बुधवार तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती श्रद्धा और परंपरा के साथ संपन्न हुई। मंदिर के कपाट खुलते ही विधिवत पूजन की शुरुआत की गई। मंदिर के कपाट खुलते हीसबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्ति वाचन किया गया और आज्ञा लेकर चांदी द्वार खोला गया। भगवान महाकाल का जल से अभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजा की गई। इसके बाद कर्पूर आरती उतारी गई और बाबा का आकर्षक श्रृंगार किया गया। भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से सजे बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप भक्तों को मंत्रमुग्ध करता रहा।

भस्म अर्पण के साथ विशेष दर्शन

पूजन के बाद ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग अर्पित किया गया तथा भस्म चढ़ाई गई। रजत मुकुट, मुंडमाल और रुद्राक्ष की मालाओं से अलंकृत बाबा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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