उज्जैन: भस्म आरती में राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, दिए दिव्य दर्शन
उज्जैन, 04 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैनस्थितविश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के भगवान महाकाल की भस्म आरती विशेष पूजन और दिव्य शृंगार के साथ संपन्न हुई। इस दौरान बाबा महाकाल का राजा स्वरूप में मनोहारी शृंगार किया गया। भगवान ने शेषनाग का रजत मुकुट, चांदी की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया।
बुधवार तड़के करीब 4 बजे मंदिर के पट खोले गए। सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्ति वाचन किया गया। इसके बाद चांदी के द्वार खोलकर गर्भगृह में विराजित देवी-देवताओं का पूजन किया गया। पुजारियों ने भगवान महाकाल का पिछला शृंगार उतारकर जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक-पूजन कर कर्पूर आरती की गई।
नंदी हॉल में भगवान नंदी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल को भांग, चंदन और सिंदूर अर्पित कर आभूषणों से राजा स्वरूप में सजाया गया। प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। भस्म अर्पण की परंपरा के तहत ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म रमाई गई।
इसके बाद बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, चांदी की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। ड्रायफ्रूट, फल और मिठाइयों का भोग लगाया गया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान को भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कही। भक्तों ने भक्ति भाव के साथ बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

