समान नागरिक संहिता पर रतलाम में मंथन, समिति ने नागरिकों से मांगे सुझाव

WhatsApp Channel Join Now
समान नागरिक संहिता पर रतलाम में मंथन, समिति ने नागरिकों से मांगे सुझाव


रतलाम, 4 जून (हि.स.)। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में प्रदेशभर से सुझाव और विचार एकत्रित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक गुरूवार को रतलाम के डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित की गई। बैठक में समिति के सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा और शोभा पैठनकर ने विभिन्न सामाजिक, कानूनी और पारिवारिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए नागरिकों के सुझाव आमंत्रित किए।

बैठक में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, रेडक्रॉस सोसायटी एवं शांति समिति के सदस्यों, मीडिया प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों, धर्मगुरुओं तथा अन्य प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लेकर अपने विचार और सुझाव साझा किए।

समिति सदस्य शोभा पैठनकर ने कहा कि समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सरकार जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक राय प्राप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश की विविधता उसकी शक्ति है और किसी भी बड़े सामाजिक बदलाव के लिए सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे गांव-गांव में इस विषय पर चर्चा कर लोगों को अपने सुझाव ऑनलाइन पोर्टल ucc.mp.gov.in पर दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें।

डॉ. गोपाल शर्मा ने कहा कि संविधान में समानता की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से समान नागरिक संहिता का विचार रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार यूसीसी लागू करने से पहले नागरिकों की राय जानना चाहती है, इसलिए राज्यभर में संवाद और परामर्श का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूसीसी का मुख्य केंद्र परिवार है और इसके अंतर्गत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा अन्य पारिवारिक कानून शामिल होते हैं।

डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्तमान में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लिए अलग-अलग पारिवारिक कानून लागू हैं। स्वतंत्रता के बाद कुछ कानूनों में सुधार किए गए, लेकिन कई क्षेत्रों में अब भी पारंपरिक व्यवस्थाएं प्रभावी हैं। ऐसे में व्यापक चर्चा और सुझावों के आधार पर आगे की दिशा तय की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि समय की सीमाओं के कारण समिति प्रत्येक गांव तक नहीं पहुंच सकती, इसलिए सदस्यों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचकर उनकी राय जानी जाए और यह समझा जाए कि समाज यूसीसी को किस रूप में देखता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। बैठक में उपस्थित अतिथियों और समिति सदस्यों का स्वागत तथा आभार प्रदर्शन अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार /शरदजोशी

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

Share this story