यूसीसी से असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश, सरकार पांच श्वेत पत्र जारी करे : जीतू पटवारी

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यूसीसी से असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश, सरकार पांच श्वेत पत्र जारी करे : जीतू पटवारी


भाेपाल, 21 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार काे विधानसभा में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए यूसीसी का मुद्दा उठा रही है।

भोपाल में मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए पटवारी ने कहा कि प्रदेश की प्राथमिकता किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से जुड़े बुनियादी मुद्दों का समाधान होना चाहिए। उनका आरोप था कि प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है और शराब, रेत, शिक्षा तथा खनिज माफिया का प्रभाव लगातार दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन आरोपों पर जवाब देना चाहिए।

पटवारी ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का असर मध्य प्रदेश के किसानों पर पड़ सकता है। उनका तर्क था कि अमेरिका में किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है, जबकि प्रदेश का छोटा किसान बढ़ती लागत और सीमित सरकारी सहायता के बीच खेती कर रहा है। ऐसे में पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना विदेशी प्रतिस्पर्धा किसानों के लिए चुनौती बन सकती है।

उन्होंने भाजपा की चुनावी घोषणाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों से गेहूं 2,700 रुपये, धान 3,100 रुपये, सोयाबीन 6,000 रुपये और मूंगफली 6,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद का वादा किया गया था। पटवारी का दावा है कि किसानों को अब तक इन वादों के अनुरूप लाभ नहीं मिला।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस किसानों की मांगों को लेकर 24 जुलाई को हरदा, होशंगाबाद और नरसिंहपुर में किसान आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों की आवाज सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी। युवाओं और शिक्षा के मुद्दे पर पटवारी ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ रही है और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं तथा पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ठोस कदम उठाने चाहिए।

पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि यदि सरकार नए कानून लाना चाहती है तो उसे शिक्षा और रोजगार की गारंटी जैसे विषयों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लंबे समय से भाजपा की सरकार होने के बावजूद रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

उन्होंने विधानसभा के पांच दिवसीय सत्र में कई विधेयक लाए जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे किसानों, युवाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा का अवसर नहीं मिल पाएगा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से प्रदेश की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए पांच श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक स्थिति, कृषि एवं किसानों की स्थिति, शिक्षा और रोजगार, निवेशक सम्मेलनों के परिणाम तथा भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर विस्तृत श्वेत पत्र जारी कर जनता के सामने तथ्य रखे। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस किसान, युवा, कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सरकार से जवाबदेही की मांग करती रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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