अनूपपुर: छत्तीसगढ़ सीमा लांध अनूपपुर पहुंचे दो हाथियों ने 5 किसानों की फसलें चौपट
अनूपपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में छत्तीसगढ़ की वन सीमा पार कर दो हाथी अनूपपुर वन मंडल में प्रवेश किया। दोनों हाथी गुरुवार को जैतहरी से अनूपपुर वनपरिक्षेत्र की ओर बढ़ते हुए केकरपानी स्थित पीएफ 359 चौकी के पीछे जंगल में डेरा डाले हुए हैं। हाथियों के विचरण से ग्राम बांका और केकरपानी क्षेत्र में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग ने आसपास के कई गांवों में अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ा दी है।
वन विभाग के अनुसार, गुरुवार सुबह हाथियों की स्थिति सामान्य थी। ज्ञात हो कि करीब 11 दिन पहले जैतहरी क्षेत्र में प्रवेश मरवाही वन मंडल के सिवनी क्षेत्र से निकलकर चोलना, कुसमहाई, लहरपुर, चांदपुर, मोजर बेयर, अमगवां, बेलिया, गोबरी और बांका होते हुए केकरपानी क्षेत्र तक पहुंचे हैं। 26 अगस्त को दोनों हाथियों ने जैतहरी के गोबरी बीट में विश्राम किया था। इसके बाद वे बड़वार नाला रोड पार कर बांका गांव के बांस प्लांटेशन पहुंचे। वन विभाग के मुताबिक, रात में बांका, दुआही टोला और बरटोला क्षेत्र में विचरण के दौरान हाथियों ने ग्रामीणों की फसलों को नुकसान पहुंचाया।
5 किसानों की धान-मक्का की फसल बर्बाद
वन परिक्षेत्राधिकारी अनूपपुर स्वर्ण गौरव सिंह के अनुसार, हाथियों ने पांच ग्रामीणों की फसलों को चौपट किया है। बांका निवासी छोटा सिंह और मंतू सिंह की धान की फसल, दुआहीटोला निवासी कोमल सिंह की मक्का तथा केकरपानी निवासी लाला यादव और वंशरूप उर्फ अकालू विश्वकर्मा की धान की फसल को नुकसान पहुंचा है।
सात गांवों में अलर्ट, वन विभाग की निगरानी
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए केकरपानी, खोलैया, डालाडीह, ठेही, गौरेला, दोखहा टोला और बैहार गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। औढेंरा बीट प्रभारी जगत सिंह मसराम और अनूपपुर वन परिक्षेत्र की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है।
ग्रामीणों से जंगल नहीं जाने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने की सलाह दी है। मवेशी चराने, जलाऊ लकड़ी लेने और पुटू-पीहरी बीनने के लिए जंगल में जाने से बचने को कहा गया है। विभाग ने हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनके नजदीक जाकर उन्हें परेशान नहीं करने की अपील की है।
इसी बीच, तीन हाथियों के एक अन्य समूह में शामिल एक दांत वाला हाथी मरवाही के घुसरिया बीट से निकलकर देवराज टोला पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि यह हाथी ग्रामीणों के मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग की चुनौती बढ़ गई है।
15 दिन में नुकसान का भरपाया करने का आश्वासन
जिले के ग्राम चोई में बुधवार को प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक चौपाल का आयोजन कर हाथियों के नुकसान से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं सुनी। साथ ही राहत राशि के भुगतान पर चर्चा भी की। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि सभी पात्र हितग्राहियों के लंबित प्रकरणों का मापन कर 15 दिन के अंदर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस दौरान जैतहरी SDM कमलेश पुरी, तहसीलदार, पटवारी, सरपंच, सचिव, वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक मिश्रा, डिप्टी रेंजर संतोष श्रीवास्तव, वन रक्षक और ग्रामीण मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

