भोपाल में दो दिवसीय स्टार्टअप समिट संपन्न, मप्र के स्टाटर्अप और एमएसएमई को मिला मजबूत आधार
भोपाल, 12 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित दो दिवसीय मध्य प्रदेश स्टार्टअप समिट 2026 का सोमवार शाम को समापन हुआ। समिट में 2500 से अधिक स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, निवेशकों और उद्यमियों ने भाग लिया, जिससे राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच प्राप्त हुआ। सिंगल-क्लिक के माध्यम से 170 से अधिक स्टार्टअप्स को 2.50 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत 21 स्टार्टअप्स को 8.17 करोड़ रुपये की ऋण राशि वितरित की गई। इस दौरान राज्य के स्टार्टअप्स को मार्केटिंग, क्रेडिट और वैश्विक एक्सपोज़र उपलब्ध कराने के लिए FIEO, Central Bank of India, Startup Middle East तथा Carve Startup Labs के साथ 4 महत्वपूर्ण MoU संपादित किए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा समिट के दूसरे दिन स्टार्ट-अप एवं नवाचार प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया, जिसमें 70 से अधिक स्टार्टअप्स ने अपने अत्याधुनिक समाधान प्रस्तुत किए।उद्घाटन सत्र में राज्य सरकार के वरिष्ठ नेतृत्व और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने स्टार्टअप-अनुकूल नीतियों, निवेश सहयोग और युवाओं के नेतृत्व वाले नवाचारों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में स्टार्टअप पिचिंग फाइनल, अवॉर्ड वितरण, सहायता राशि व ऋण वितरण, एमओयू आदान-प्रदान तथा विभिन्न थीमैटिक सत्रों के माध्यम से मध्य प्रदेश को एक उभरते, निवेश-तत्पर और बाजार-उन्मुख स्टार्टअप हब के रूप में सशक्त रूप से स्थापित किया गया।इस आयोजन में कुल 2500 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। इस दौरान राउंड टेबिल मीटिंग में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यमियों से चर्चा की।
विदेशों से आए प्रतिनिधि
समिट में स्टार्टअप, इनक्यूबेटर और ODOP उत्पादों की 60 से अधिक स्टॉलों के माध्यम से प्रदर्शनी आयोजित की गई।दो दिवसीय समिट में स्टार्टअप पिचिंग सत्रों सहित कुल 9 विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें UAE, स्पेन, सिंगापुर, रूस और यूके से प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स एवं इनक्यूबेटर्स के साथ संवाद और निवेश पर चर्चा की।स्टार्टअप्स को 6 विभिन्न श्रेणियों में तथा इनक्यूबेटर्स को एक श्रेणी में अवार्ड्स प्रदान किए गए। प्रदेश के सफल स्टार्टअप्स की सफलता की कहानियों की पुस्तक का विमोचन किया गया। समिट के पहले दिन “इन्क्यूबेटर सस्टेनेबिलिटी” विषय पर इन्क्यूबेटर मास्टर क्लास आयोजित की गई, जिसमें NSRCEL–IIM बैंगलोर, ISBA, IIM इंदौर तथा देश के अग्रणी इनक्यूबेटर्स के विशेषज्ञों ने सहभागिता की।
उच्च स्तरीय पैनल चर्चा
मध्य प्रदेश स्टार्टअप समिट 2026 के पहले दिन इनक्यूबेटर मास्टर क्लास, एग्री-FPO को स्टार्टअप के रूप में रूपांतरित करने पर उच्च स्तरीय पैनल चर्चा तथा स्टार्टअप पिचिंग – क्वालीफायर सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों के माध्यम से राज्य के इनक्यूबेटर्स, स्टार्टअप्स और एफपीओ को स्थायी व्यवसाय मॉडल, मूल्य-श्रृंखला आधारित विकास, तकनीक एवं एमआईएस के उपयोग, तथा नकदी प्रवाह सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक दिशा-निर्देश प्राप्त हुए, जिससे मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम की दीर्घकालिक मजबूती की नींव रखी गई।
पैनल डिस्कशन
पैनल डिस्कशन में किसानों को आजीविका मॉडल से व्यवसाय-आधारित एग्रीप्रेन्योरमें बदलने की रणनीति पर चर्चा हुई। FPOs को भूगोल-विशिष्ट मूल्य श्रृंखलाओं, डिजिटल अकाउंटिंग, MIS, AI आधारित टूल्स, और मूल्य संवर्धन (प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग, सेवाएँ) अपनाकर स्थिर नकदी प्रवाह और निवेश-योग्यता प्राप्त करने की दिशा दी गई।
बैंकों और NBFCs द्वारा सतत निष्पादन, सुशासन और पूर्वानुमेय कैश-फ्लो को ऋण का प्रमुख आधार बताया गया। महिला उद्यमिता, वैश्विक विस्तार, डिजिटल मार्केटिंग, ODOP-MSME एकीकरण और ग्रोथ मेट्रिक्स जैसे विषयों पर व्यावहारिक सत्र आयोजित हुए, जिनसे स्टार्ट-अप्स को स्केल-अप रोडमैप प्राप्त हुआ।
मध्य प्रदेश स्टार्ट अप समिट-2026 ने नीति-समर्थन, इनक्यूबेशन क्षमता, निवेशक-उन्मुख मूल्यांकन और कृषि-FPO परिवर्तन को एकीकृत करते हुए मध्य प्रदेश को भारत के उभरते स्टार्टअप हब के रूप में मजबूती से स्थापित किया। यह आयोजन राज्य के युवाओं, महिला उद्यमियों, ग्रामीण नवाचारों और टेक-ड्रिवन स्टार्टअप्स के लिए एक नई विकास यात्रा की शुरुआत सिद्ध हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

