दमोह: पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, सेमरा गांव में पसरा मातम

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दमोह: पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, सेमरा गांव में पसरा मातम


दमोह: पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, सेमरा गांव में पसरा मातम


दमोह: पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, सेमरा गांव में पसरा मातम


दमोह, 27 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हटा विकासखंड अंतर्गत रजपुरा थाना क्षेत्र के सेमरा गांव में सोमवार को बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम सेमरा निवासी संजू यादव के दो बच्चे सोनू यादव एवं भविष्य यादव गांव के समीप बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। जब ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली तो तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया और दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया।

सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को तत्काल सिविल अस्पताल हटा ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का विलाप सुनकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

ग्रामीणों के अनुसार, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ वहां पेट्रोल पंप निर्माण के लिए मिट्टी की खुदाई की गई थी। खुदाई के कारण गहरा गड्ढा बन गया था, जिसमें बारिश का पानी भर गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे के आसपास न तो सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया था।

घटना की सूचना मिलने पर हटा एसडीओपी कृष्णपाल सिंह सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है तथा दुर्घटना के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

इस दौरान ग्राम पंचायत नारायणपुरा के सरपंच जशवेंद्र यादव भी अस्पताल पहुंचे और मृत बच्चों के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने प्रशासन से ऐसे खतरनाक गड्ढों को सुरक्षित कराने की मांग भी की।

इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्यों के दौरान बने गहरे गड्ढों की समय पर भराई कराई जाए अथवा उनके चारों ओर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

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