अनूपपुर: दवा घोटाले में गिरफ्तारी, आपूर्तिकर्ता कंपनी के दो आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार

अनूपपुर: दवा घोटाले में गिरफ्तारी, आपूर्तिकर्ता कंपनी के दो आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार
अनूपपुर: दवा घोटाले में गिरफ्तारी, आपूर्तिकर्ता कंपनी के दो आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार


अनूपपुर, 10 जून (हि.स.)। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय अनूपपुर में वर्ष 2019-20 में दवाओं एवं उपकरणों के क्रय के नाम पर 6 करोड़ से ज्यादा का घोटाला किया गया था। जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा दवा कम्पनियों के साथ मिलकर निविदा की फायनेंशियल बिल के मूल प्रारूप में षड्यंत्रपूर्वक तकनीकी हेराफेरी कर अपनी चहेती दवा कम्पनियों की फर्जी बिल लगा कर घोटाला कर किया गया था। जिस पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में शिकायत पर की गई थी।

घोटाले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अपर कलेक्टिर, सिविल सर्ज न सहित कार्यालय के बाबू तक की भूमिका सवालों के घेरे में रही थी। इसके बाद पूरे मामले की शिकायत आर्थिक अपराध शाखा में की गई और 13 लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। जिसमें क्रय समिति के अध्यक्ष रहे अपर कलेक्टेर बीडी सिंह की जांच के दौरान मृत्यु हो चुकी है। वहीं अन्य आरोपियों में तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. बीडी सोनवानी, तत्कालीन स्टोर कीपर रामखेलावन पटेल, तत्कालीन लेखापाल महेश कुमार दीक्षित, तत्कालीन एडीएम अनूपपुर बीडी सिंह, तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. एसआर परस्ते, बीएमओ डॉ. बीपी शुक्ला, सदस्य क्रय समिति डॉ. डीके कोरी, डॉ. मोहन सिंह श्याम, सुनैना तिवारी डायरेक्टर मेसर्स साइंस हाउस मेडिकल भोपाल, जितेंद्र तिवारी डायरेक्टर, अनुजा तिवारी, शैलेंद्र तिवारी, महेश बाबू शर्मा के विरुद्ध धारा 420, 409, 120 बी, भादवि और 13 (1) ए, 13(2) व.नि.अ. 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया था।

इस प्रकरण में आपूर्ति कर्ता कंपनी के दो सगे डायरेक्टर भाइयों जितेन्द्र तिवारी तथा शैलेन्द्र तिवारी को 6 जून को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। जिन्हें 8 जून को अनूपपुर लाया गया और 13 जून तक पुलिस रिमांड में लिया गया है। दोनों आरोपियों को ईओडब्ल्यू की टीम अपने साथ भोपाल ले गई है जहां उनसे दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ भी की जाएगी।

भूमिगत हुए आरोपी

ईओडब्ल्यू के द्वारा की जा रही गिरफ्तारी की खबर 8 जून को अनूपपुर पहुंची। खबर लगते ही अधिकांश आरोपी लापता हो गए। डॉ. बीपी शुक्ला, डॉ. एसआर परस्ते, डॉ. डीके कोरी, अकाउंटेंट महेश कुमार दीक्षित के मोबाइल बंद हो गए। इसके बाद से इन सभी के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। घोटाले के उजागर होने के बाद से अब सभी की संपत्ति के जांच की मांग की बात भी कही जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला/नेहा

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