ट्वीशा शर्मा मौत मामला: पूर्व जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह की नियमित जमानत अर्जी खारिज
आरोपों को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने राहत देने से किया इनकार
भाेपाल, 25 जुलाई (हि.स.)। मॉडल एवं अभिनेत्री ट्वीशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपित उनकी सास और भोपाल की पूर्व जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह को फिलहाल राहत नहीं मिली है। विशेष सीबीआई न्यायालय ने शनिवार देर शाम उनकी नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
विशेष सीबीआई न्यायालय के न्यायाधीश राम प्रताप मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत तर्कों पर विचार करने के बाद नियमित जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
कई अदालतों से गुजरने के बाद हुई सुनवाई
जमानत आवेदन की सुनवाई से पहले मामला अलग-अलग अदालतों में स्थानांतरित हुआ। एक न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी, जबकि कुछ न्यायाधीशों ने निष्पक्षता और पूर्व पेशेवर संबंधों का हवाला देते हुए स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया। इसके बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर मामला विशेष सीबीआई न्यायालय भेजा गया, जहां अंतिम सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष ने उम्र और स्वास्थ्य का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि गिरीबाला सिंह वरिष्ठ नागरिक हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही हैं। अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जेल में उनकी तबीयत खराब हुई है तथा उनकी लगभग 100 वर्षीय मां उनकी देखभाल पर निर्भर हैं। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी ने जांच में सहयोग किया है, वह नियमित वेतन और युद्ध वीरांगना पेंशन प्राप्त करती हैं, इसलिए दहेज मांगने का आरोप तर्कसंगत नहीं है।
सीबीआई ने जमानत का किया विरोध
सीबीआई ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत में कहा कि केवल महिला होने या उम्र के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती। एजेंसी ने तर्क दिया कि मामला गंभीर प्रकृति का है और जांच अभी भी महत्वपूर्ण चरण में है। सीबीआई ने अदालत को बताया कि आरोपी ने जांच के दौरान वॉयस सैंपल देने से इनकार किया था। साथ ही जेल प्रशासन की मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है।
जांच प्रभावित करने की आशंका जताई
सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि जांच के दौरान आरोपी पर साक्ष्यों को प्रभावित करने के प्रयास के आरोप हैं। एजेंसी के अनुसार, मामले से जुड़े सीसीटीवी तकनीशियन और एक सैलून संचालक से संपर्क किए जाने तथा सीसीटीवी फुटेज हासिल करने के प्रयास की जानकारी जांच में सामने आई है। सीबीआई ने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
न्यायिक हिरासत में रहेंगी आरोपी
अदालत द्वारा नियमित जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद गिरीबाला सिंह और सह-आरोपी समर्थ सिंह फिलहाल न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल में रहेंगे। मामले की जांच सीबीआई द्वारा जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

