तेंदूपत्ता संग्रह राशि पर आदिवासियों का पहला हक, लाभांश का अन्य मदों में उपयोग न हो: अजय सिंह
भोपाल, 17 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाले लाभांश की राशि को अन्य कार्यों में खर्च किए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे आदिवासी हितों के विरुद्ध बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डाॅ. माेहन यादव को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और प्रस्तावित राशि हस्तांतरण पर रोक लगाने की मांग की है।
अजय सिंह ने बुधवार काे जारी अपने बयान में कहा कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) द्वारा अभयारण्यों में तालाब निर्माण के लिए लघु वनोपज संघ से लगभग 20 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है। उनके अनुसार यह कदम लाभांश वितरण से संबंधित नियमों और उसके मूल उद्देश्य के विपरीत है। उन्होंने कहा कि लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा अर्जित शुद्ध लाभ का उपयोग निर्धारित प्रावधानों के तहत वनोपज संग्राहकों के सामाजिक कल्याण, वनों के पुनरुत्पादन तथा बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जाना चाहिए। नियमों के अनुसार लाभांश का 75 प्रतिशत हिस्सा तेंदूपत्ता संग्राहकों और आदिवासी हितग्राहियों को बोनस के रूप में वितरित किया जाता है, जबकि शेष राशि सामुदायिक कल्याण और वन विकास संबंधी कार्यों पर खर्च की जाती है।
अजय सिंह ने कहा कि संरक्षित क्षेत्रों में तालाब निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों के लिए पहले से ही कैंपा फंड, वन्यजीव बजट तथा केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वित्तीय प्रावधान उपलब्ध हैं। ऐसे में तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए निर्धारित राशि को अन्य मदों में स्थानांतरित करना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस मामले का संज्ञान लेते हुए वन विभाग द्वारा मांगी गई राशि के हस्तांतरण को निरस्त किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि तेंदूपत्ता लाभांश की राशि का उपयोग केवल वनाश्रित आदिवासियों और संग्राहकों के हितों के लिए ही किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

