दतिया में 48 घंटे से मूसलाधार बारिश, कई कॉलोनियों में घुसा पानी; गांवों का संपर्क टूटा

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दतिया में 48 घंटे से मूसलाधार बारिश, कई कॉलोनियों में घुसा पानी; गांवों का संपर्क टूटा


दतिया में 48 घंटे से मूसलाधार बारिश, कई कॉलोनियों में घुसा पानी; गांवों का संपर्क टूटा


दतिया, 27 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दतिया में पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गुरुवार को शहर की कई कॉलोनियों में बारिश का पानी घरों और गलियों में भर गया है। जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ परिवारों को अपने घर छोड़कर किराए के मकानों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। मौसम विभाग की ओर से आगामी दिनों में भी बारिश का अलर्ट जारी किए जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।

शहरवासियों का आरोप है कि कई स्थानों पर जल निकासी के प्राकृतिक रास्तों पर अतिक्रमण और निर्माण होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में जलभराव होता है, लेकिन कई शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

असनई तालाब की पुलिया पर आवागमन बंद

लगातार बारिश के कारण असनई तालाब की पुलिया पर भी पानी भर गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से पुलिया से आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया है। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील की है।

क्षतिग्रस्त पुलिया पर पानी का बहाव, कई गांवों का संपर्क टूटाबारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। सिंधवारी गांव की पहले से क्षतिग्रस्त पुलिया के ऊपर पानी बहने से करीब एक दर्जन गांवों का दतिया से संपर्क टूट गया है। सिंधवारी, चिरौली, रांव, सुकैटा, देवपुरा, रजौरा, नयागांव, गदारी और कुरैठा सहित आसपास के गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया लंबे समय से क्षतिग्रस्त है और समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच जर्जर पुलिया के और क्षतिग्रस्त होने अथवा ढहने का खतरा बना हुआ है। फिलहाल इन गांवों के लोगों के सामने दतिया पहुंचने की समस्या खड़ी हो गई है।

रधर्राजगढ़ के नीचे बसे लोगों पर मंडराया खतरालगातार बारिश के कारण प्राचीन रधर्राजगढ़ के नीचे रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। लगातार पानी गिरने से मिट्टी और संरचना के कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इसी तरह पीतांबरा पीठ मंदिर के सामने निर्माणाधीन बहुमंजिला पार्किंग परिसर की निचली मंजिलों में भी पानी भरने की जानकारी सामने आई है। इससे आसपास के क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि लगातार बारिश को देखते हुए जोखिम वाले क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। खतरनाक हिस्सों को चिह्नित करने के साथ वहां रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए।

लोगों ने पूर्व की घटनाओं का हवाला देते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। बताया गया है कि पूर्व में रधर्राजगढ़ क्षेत्र में मिट्टी के मलबे में दबने से सात लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में लगातार बारिश के बीच प्रशासन से समय रहते एहतियाती कदम उठाने की मांग की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

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