सागर: भारतीय गिद्धों की संख्या सबसे अधिक, सात अलग-अलग प्रजातियों की हुई पुष्टि

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सागर: भारतीय गिद्धों की संख्या सबसे अधिक, सात अलग-अलग प्रजातियों की हुई पुष्टि


सागर, 23 फ़रवरी (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के सागर से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में मध्य प्रदेश के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से उत्साहजनक खबरें सामने आई हैं। वन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 20 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक चले विशेष गणना अभियान में टाइगर रिजर्व के भीतर गिद्धों की समृद्ध उपस्थिति दर्ज की गई है। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण इन पक्षियों की कुल संख्या और उनकी सेहत का सटीक मूल्यांकन करना था।

तीन दिनों तक चले इस गहन सर्वेक्षण में कुल 2536 गिद्ध दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों और वन विभाग की टीमों ने रिजर्व के अलग-अलग क्षेत्रों में गिद्धों की गतिविधियों और उनके बसेरों की निगरानी की। इस गणना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि यहाँ कुल सात विभिन्न प्रजातियों की पहचान हुई है, जो इस क्षेत्र की जैव-विविधता का प्रमाण है।

सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय गिद्ध (Long-billed Vulture): इनकी संख्या रिजर्व में सर्वाधिक पाई गई। यह प्रजाति चट्टानी इलाकों में प्रजनन के लिए जानी जाती है।

व्हाइट रंप्ड गिद्ध (White-rumped Vulture): संख्या के मामले में यह दूसरे स्थान पर रहे।

इजिप्शियन गिद्ध (Egyptian Vulture): इनकी उपस्थिति मध्यम स्तर पर दर्ज की गई।

लाल सिर वाले गिद्ध (Red-headed Vulture): इनकी संख्या तुलनात्मक रूप से कम रही, जो इनके दुर्लभ होने का संकेत है।

स्थानीय प्रजातियों के अलावा, टाइगर रिजर्व में तीन प्रमुख प्रवासी प्रजातियाँ भी देखी गईं, जो सर्दियों के मौसम में यहाँ प्रवास करती हैं।

• यूरेशियन ग्रिफॉन (Eurasian Griffon)

• हिमालयन ग्रिफॉन (Himalayan Griffon)

• सिनेरियस गिद्ध (Cinereous Vulture)

गिद्धों की इतनी बड़ी संख्या और विविधता यह दर्शाती है कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का वातावरण उनके फलने-फूलने के लिए अनुकूल है। यह प्रकृति के सफाईकर्मियों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

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