अनूपपुर: भुंडाकोना घाट के जंगल में फिर दिखा बाघ का शावक

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अनूपपुर: भुंडाकोना घाट के जंगल में फिर दिखा बाघ का शावक


अनूपपुर, 21 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ नगरी अमरकंटक से शहडोल मार्ग स्थित भुंडाकोना घाट के जंगल में शुक्रवार-शनिवार की रात बाघ के शावक को अमरकंटक आ रहें दंपति ने सड़क पार करते हुए देखा। जिसकी सूचना वन विभाग के परिक्षेत्र कार्यालय को दी।

अमरकंटक नगर के वरिष्ठ पत्रकार धनंजय तिवारी के पुत्र अंजय तिवारी अपनी पत्नी के साथ रात्रि में शहडोल से कार से अमरकंटक लौट रहे थे। इसी दौरान उनके वाहन के सामने फररी सेमर के जंगल से निकलकर जालेश्वर की ओर, उमर गोहान दिशा में सड़क पार करते हुए शावक बाघ दिखाई दिया। अंजय तिवारी ने सावधानी बरतते हुए वाहन की गति धीमी कर दी और शावक को सुरक्षित जंगल की ओर जाते देखा। उस समय मार्ग पर अन्य कोई वाहन नहीं था।

घटना की जानकारी शनिवार को अमरकंटक वन परिक्षेत्र अंतर्गत बाघ की मौजूदगी की सूचना परिक्षेत्राधिकारी वीरेंद्र श्रीवास्तव को दी गई है। उन्होंने मामले की जांच के निर्देश देते हुए आसपास के ग्रामवासियों एवं वन क्षेत्र के निवासियों से सतर्क रहने, जंगल क्षेत्र से दूरी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की गतिविधि दिखने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है।

इसके पूर्व 5-6 फरवरी को पेंड्रा (छग) निवासी शिक्षक दंपति ने जलेश्वर से घाट उतरते समय मार्ग पर सड़क पार करता बाघ को सड़क पर चलते और फेंसिंग पार करने की कोशिश करते देखा था जिसका वीडियो बनाया था। सुबह की जांच में वन विभाग को मौके पर बाघ के पैरों के निशान (पगमार्क) मिले हैं।

गत वर्ष आई थी मादा बाघिन

अमरकंटक में बाघ की आहट ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। पिछले साल जनवरी में भी एक मादा बाघिन इस इलाके में आई थी, जिसने भेजरी और जलेश्वर में गायों का शिकार किया था। उस समय नर्मदा जन्मोत्सव के दौरान भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने उस बाघिन को रेस्क्यू कर सीधी भेजा था। अब एक बार फिर बाघ की सक्रियता ने स्थानीय लोगों और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय अकेले या पैदल बाहर न निकलें।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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