मप्रः बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व क्षेत्र में पुराने कुएं में मिला बाघ का शव, 24 घंटे में दूसरी मौत
उमरिया, 08 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले का प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व इन दिनों बाघों की हो रही लगातार मौत के चलते सुर्खियों में बना हुआ है,। अभी 8 माह के बाघ शावक का शव मिले 24 घंटे भी नहीं हुए तब तक दूसरे बड़े बाघ के मौत की खबर आ गई। बाघ शावक की मौत को तो पार्क प्रबंधन ने किसी जानवर द्वारा मारे जाने की घटना बता कर अपना पल्ला लिया, लेकिन गुरुवार को एक बड़े बाघ का शव बिना मुड़ेर के कुएं में मिलने से पार्क प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम रायपुर के कुदरी टोला में गुरुवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब खेत में बने एक पुराने कुएं में बाघ का शव देखा गया। सूचना मिलते ही जिम्मेदार पार्क अधिकारी और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और स्थिति का जायजा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित इस पुराने कुएं से तेज दुर्गंध आ रही थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि बाघ की मौत 5 से 6 दिन से पहले हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि बाघ शावक की मौत के महज 24 घंटे के भीतर एक और बाघ का शव मिलना पार्क प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यह घटना न सिर्फ वन विभाग के लिए चुनौती बनकर सामने आई है, बल्कि वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी बेहद निराशाजनक है। जिस स्थान पर बाघ का शव मिला, वह जंगल चौकी से लगभग 2 किलोमीटर दूर है। ऐसे में निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
वहीं धमोखर रेंजर ध्रुव सिंह ने बताया कि बाघ का शव रायपुर बीट के कुदरी टोला में राजस्व क्षेत्र में मिलने की सूचना मिलते ही उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई और डॉग स्क्वाड के माध्यम से आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग करवाई गई है अभी बाघ का शव कुएं से नहीं निकाला जा सका है, कल दिन में शव को उच्च अधिकारियों एव डाक्टरों की मौजूदगी में निकलवाया जाएगा उसके बाद मौत के कारणों का सही पता चल सकेगा, अभी जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि बुधवार को भी रिजर्व में एक आठ माह के बाघ शावक का शव मिला था, 24 घंटे के भीतर दूसरे बाघ का शव मिलना पार्क प्रबंधन पर जहां एक तरफ सवालिया निशान लगा रहा है । वन विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी

