राजगढ़ः इलाज के दौरान 3 वर्षीय बालक की मौत पर हंगामा,परिजनों ने लगाया गलत उपचार का आरोप
राजगढ़, 22 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के एक निजी निदान अस्पताल में शुक्रवार शाम इलाज के दौरान तीन साल के मासूम की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया।
परिजनों ने चिकित्सकों पर गलत इलाज और लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध किया। स्थिति बिगड़ने पर देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर मामला शांत कराया। बाद में बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया।
जानकारी के अनुसार सुठालिया के लोधी मोहल्ला निवासी अजय उर्फ नील मीना (3) को उसके पिता जितेंद्र मीना ने 18 मई को कमजोरी होने पर निजी निदान अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का कहना है कि चिकित्सकों ने बच्चे में खून और विटामिन की कमी बताकर पांच दिन तक उपचार चलाया। शुक्रवार शाम अचानक बच्चे की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे रेफर करने की बात कही।
परिजनों ने सवाल उठाया कि कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद अचानक रेफर क्यों किया जा रहा है। इसी दौरान बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान करीब 35 हजार रुपये खर्च हुए, तथा चिकित्सकों ने राजगढ़ में उपलब्ध रक्त को उपयुक्त न बताते हुए भोपाल से 3,800 रुपये में 160 एमएल ब्लड मंगवाया। गुरुवार को 100 एमएल और शुक्रवार को 60 एमएल ब्लड चढ़ाया गया था। इसके बाद बच्चे की हालत खराब हो गई। मृतक के परिजनों ने दावा किया कि बच्चे की मौत सुबह ही हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा शाम 4ः50 बजे मौत घोषित की गई। परिजनों का कहना है कि सुबह 11 बजे बच्चे का शरीर ठंडा था, फिर भी इलाज जारी रखा गया।
देहात थानाप्रभारी प्रवीण जाट ने बताया कि परिजनों के आरोपों के आधार पर मर्ग कायम किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

