अनूपपुर: बदला मौसम का मिजाज, कोहरे और सर्द हवाओं ने बढ़ाई परेशानी
अनूपपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में नव वर्ष के तीसरे दिन शनिवार को घने कोहरे और सर्द हवाओं से सिहर गया। उत्तर भारत की ओर से आ रही सर्द और बर्फीली हवाओं के असर से अनूपपुर सहित पूरे जिले में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने तीन दिनों तक घने कोहरे का अनुमान लगाया है। शुक्रवार देर रात से ही कोहरे का असर देखने को मिला, जो शनिवार शाम तक बना रहा। घने कोहरे के चलते सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ, वहीं सर्द हवाओं ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है। जिससे जनजीवन प्रभावित रहा।
घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 100 मीटर से भी काम रहीं। वहीं सर्द हवाओं ने पहले से पड़ रही करके की ठंड को और हवा देते हुए लोगों को घरों में ही दुबकने पर विवश कर दिया। शहर की मुख्य सड़कों पर वीरानी पसरी रही। सड़क पर चलने वाली वाहन हेडलाइट की रोशनी में आगे बढ़ रहे थे। वहीं जिले में स्थित मध्य प्रदेश की प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक नगरी अमरकंटक में नववर्ष के शुभारंभ के साथ ही विगत एक सप्ताह से जारी भीषण ठंड और शीतलहर में कुछ हद तक विराम देखने को मिला है। लगातार बदलते मौसम और आसमान में बादलों की सक्रियता के कारण ठंड की तीव्रता में कमी दर्ज की गई है, जिससे आमजन के साथ-साथ पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों को भी राहत मिली है।
शनिवार के कारण शासकीय कार्यालय बंद रहे, जबकि स्कूलों में चल रही छुट्टी के कारण बच्चों को ठंड से राहत मिली दोपहर 2 बजे के आसपास आसमान में सूरज जरूर निकाला, लेकिन कोहरे और सर्द हवाओं में धूप फीकी साबित हुई। दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री तो न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम जानकारों का कहना है कि मौसम में जो तब्दीली आई है, यह आगामी कुछ दिनों तक यूं ही बरकरार रहेगी। तापमान कम होने के साथ धूप भी हल्की महसूस की जाएगी। संभवत बारिश भी हो सकती है, लेकिन इस घने कोहरे और सर्द हवाओं से रबी की फसल को कोई नुकसान नहीं होगा। बल्कि खेतों में लगी गेहूं की फसल के साथ मसूर, मटर, अलसी सहित अन्य फसलों को फायदा पहुंचेगा।
अमरकंटक के नीले आकाश में घने काले बादलों ने अचानक डेरा जमा लिया। बादलों की इस मौजूदगी ने मौसम का मिजाज ही बदल दिया। बीते दिनों जहां तापमान शून्य डिग्री के आसपास बना हुआ था और कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में कैद कर दिया था, वहीं अब संध्या एवं रात्रि काल का तापमान बढ़कर 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। तापमान में आई इस बढ़ोतरी से लोगों ने सर्दी से काफी हद तक राहत महसूस की है। पिछले तीन दिनों से अमरकंटक के आसमान में धूप और छांव का खेल लगातार जारी है। कभी तेज धूप तो कभी बादलों की घनी परतें आसमान को ढक लेती हैं। ठंड बीते एक सप्ताह की तुलना में अब उसकी तीव्रता कम हो गई है। मौसम में आए इस बदलाव का सकारात्मक प्रभाव अमरकंटक के पर्यटन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। शीतलहर के कमजोर पड़ते ही पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। मां नर्मदा के उद्गम स्थल, मंदिर परिसर और अन्य दर्शनीय स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी है, जिससे पवित्र नगरी में एक बार फिर रौनक लौटती नजर आ रही है।
दृश्यता घटी, यातायात पर असर
शुक्रवार रात से कोहरा गिरने का सिलसिला शुरू हुआ, जो सुबह तक जारी रहा। कई स्थानों पर दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। वहीं उत्तर भारत की ओर से आने-जाने वाली कुछ ट्रेनों के संचालन पर भी कोहरे का असर पड़ा, जिससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा।
अलाव का सहारा ले रहे लोग
लगातार बढ़ती ठंड से राहत पाने के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। सुबह-शाम बाजारों, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर ठंड का असर साफ दिखाई दिया। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कृषि विभाग अनूपपुर की जानकारी के अनुसार जिले में इस बार 92 हजार हेक्टेयर पर रबी फसल की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी नगरीय निकायों में अलाव की व्यवस्था दुरुस्त रखने की निर्देश दिए है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

