मंदसौरः विहिप-बजरंग दल ने जिहादी षड्यंत्रों पर कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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मंदसौरः विहिप-बजरंग दल ने जिहादी षड्यंत्रों पर कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन


मन्दसौर, 17 अप्रैल (हि.स.)। देश में बढ़ती विकृत जिहादी मानसिकता, लव जिहाद, अवैध भूमि जिहाद और सुनियोजित राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों के विरुद्ध विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मंदसौर में गांधी चौराहा पर विशाल विरोध प्रदर्शन और सभा आयोजित की।

इस दौरान कार्यकतार्ओं ने जमकर नारेबाजी की और देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। सभा के पश्चात राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन तहसीलदार मन्दसौर को सौंपा गया, जिसमें राष्ट्रविरोधी तत्वों के विरुद्ध त्वरित और कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की गई।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता विहिप बजरंग दल मातृशक्ति प्रांत संयोजिका आरती जायसवाल ने कहा कि देश में ऐसी घटनाएं निरंतर बढ़ रही हैं, जिसके कारण हिंदू समाज और संगठनों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने अमरावती की हृदय विदारक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार एक 19 वर्षीय जिहादी ने 180 नाबालिग बच्चियों को अपने जाल में फंसाकर उनके सैकड़ों वीडियो वायरल किए।

उन्होंने पुणे की एक कंपनी में हिंदू महिलाओं के शोषण और मनासा में 12 वर्षीय बालिका के अपहरण के प्रयास जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए आगाह किया कि जब तक हिंदू समाज पूरी तरह जागृत नहीं होगा, तब तक लव जिहाद, भूमि जिहाद और थूक जिहाद जैसे षड्यंत्र नहीं रुकेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि बहन-बेटियों की रक्षा के लिए बजरंग दल की शक्ति को गांव-गांव तक बढ़ाना अनिवार्य है।

राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में बजरंग दल ने नासिक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के आसपास फैले लव जिहाद के जाल, उत्तर प्रदेश में जमालुद्दीन जैसे तत्वों द्वारा हिंदू कन्याओं के शोषण, और दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े संदिग्धों के कनेक्शन पर गहरी आपत्ति जताई है। संगठन ने मांग की है कि सरकारी, वन विभाग और सेना की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए और लव जिहाद व जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए एक कठोर केंद्रीय कानून लागू किया जाए। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में अवयस्क बालिकाओं के शोषण को रोकने के लिए एक विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

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