उमरिया पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय का 39वां सत्र संपन्न, प्रदेश को मिले 222 प्रशिक्षित आरक्षक
उमरिया, 19 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया स्थित पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस) का 39वां प्रशिक्षण सत्र मंगलवार को समारोहपूर्वक संपन्न हो गया। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद 222 नवआरक्षकों को मध्यप्रदेश पुलिस बल को सौंपा गया। ये आरक्षक प्रदेश के 43 जिलों में अपनी सेवाएं देंगे।
समापन समारोह में शहडोल रेंज की आईजी एन चैत्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने परेड का निरीक्षण कर जवानों से सलामी ली और प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षकों को सम्मानित किया।
पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय के एसपी मुकेश वैश्य ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि वर्ष 2025-26 के इस प्रशिक्षण सत्र में प्रदेश के 43 जिलों से आए 222 नवआरक्षकों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण अवधि लगभग 10 से 11 माह रही, जिसमें आरक्षकों को आउटडोर और इनडोर गतिविधियों सहित पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्धारित सभी विषयों का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया।
समारोह के दौरान नवआरक्षकों को शपथ दिलाई गई कि वे पूर्ण अनुशासन और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे तथा देशभक्ति और जनसेवा की भावना को सर्वोपरि रखेंगे।
मुख्य अतिथि आईजी एन चैत्रा ने अपने संबोधन में जवानों को कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ कार्य करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में समाज और विभाग की अपेक्षाओं पर खरा उतरना जरूरी है। उन्होंने जवानों से कहा कि वे ऐसा कार्य करें जिससे सेवा निवृत्ति के बाद भी गर्व का अनुभव हो, न कि किसी प्रकार की ग्लानि।
एसपी मुकेश वैश्य ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान नवआरक्षकों को आउटडोर के 12 प्रमुख विषयों के अलावा कानून व्यवस्था, शारीरिक दक्षता, अनुशासन, आपदा प्रबंधन और व्यवहारिक पुलिसिंग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। अब ये सभी आरक्षक सात दिन के अवकाश के बाद अपने-अपने जिलों में पदस्थ होकर सक्रिय रूप से सेवाएं देंगे।
समारोह में नवआरक्षकों ने आकर्षक परेड, सलामी और निष्क्रमण का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। वहीं जबलपुर से आए पुलिस बैंड दल ने भी अपनी प्रस्तुति से समारोह में उत्साह का माहौल बनाया। कार्यक्रम के अंत में एसपी पीटीएस द्वारा आईजी शहडोल को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी

