अनूपपुर: सफलता अर्जित करने के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण प्रभावी माध्यम- कलेक्टर

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अनूपपुर: सफलता अर्जित करने के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण प्रभावी माध्यम- कलेक्टर


अनूपपुर, 15 मई (हि.स.)। शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना मध्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सेना एवं पुलिस भर्ती की शारीरिक तथा लिखित परीक्षाओं की तैयारी कराने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई एक महत्वपूर्ण योजना है। यह प्रशिक्षण युवाओं के लिए सफलता प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम साबित होगा। वर्तमान समय में युवा ऊर्जा और प्रतिभा से परिपूर्ण हैं तथा उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन मिलने पर वे जीवन में नए मुकाम हासिल कर सकते हैं। विभिन्न शासकीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता अर्जित करने के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सरल, उपयोगी एवं प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करेगा।

यह बात शुक्रवार को अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने डाइट परिसर में आयोजित “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना” अंतर्गत 45 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय प्रतियोगिता का दौर है, इसलिए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल सहित अन्य विषयों का अध्ययन कराया जाएगा, जिससे वे सेना एवं पुलिस भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकें। कलेक्टर श्री पंचोली ने कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं के लिए एक प्रभावी एवं उपयोगी माध्यम साबित होगा।

उन्होंने जानकारी दी कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के साप्ताहिक टेस्ट भी आयोजित किए जाएंगे तथा उनकी रैंकिंग तैयार की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का सही मूल्यांकन मिल सके। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अभी से अपने करियर के प्रति सजग रहें और लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करें, जिससे उन्हें समय पर सफलता हासिल हो सके।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष पार्वती वाल्मिक राठौर ने कहा कि “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना” विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्म विश्वास एवं शारीरिक क्षमता विकसित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी प्रशिक्षण के दौरान लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूरी मेहनत करें तथा राष्ट्रसेवा और पुलिस भर्ती जैसी चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करें। इस प्रशिक्षण को केवल औपचारिक कार्यक्रम न समझें, बल्कि यहां से कुछ नया सीखकर और जीवन में उपयोगी अनुभव प्राप्त कर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं में अनुशासन, समय प्रबंधन एवं टीम भावना विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ देश के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भावना को भी मजबूत करेगा। ऐसे प्रशिक्षण युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना एक ऐसी पहल है जो युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन, शारीरिक क्षमता विकसित करने के लिए बनाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाना तथा उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम को सेना से रिटायर्ड सूबेदार संतोष चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया तथा विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया।

45 दिन तक अयोजित होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग मंजूला सिंद्रे ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा संचालित “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026” के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 45 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से युवाओं को सेना एवं पुलिस भर्ती की शारीरिक तथा लिखित परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। योजना के अंतर्गत सैद्धांतिक कक्षाओं के साथ-साथ प्रतिदिन प्रातःकाल एवं सायंकाल लगभग डेढ़ घंटे तक शारीरिक दक्षता से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अभ्यर्थी शारीरिक रूप से भी बेहतर तैयारी कर सकें। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को भविष्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं भर्ती प्रक्रियाओं में लाभ प्राप्त हो सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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