अनूपपुर में चार हाथियों का दल दो हिस्सों में बंटा, तीन भोलगढ़ पहुंचे, एक धनगवां जंगल में डटा

WhatsApp Channel Join Now
अनूपपुर में चार हाथियों का दल दो हिस्सों में बंटा, तीन भोलगढ़ पहुंचे, एक धनगवां जंगल में डटा


अनूपपुर में चार हाथियों का दल दो हिस्सों में बंटा, तीन भोलगढ़ पहुंचे, एक धनगवां जंगल में डटा


अनूपपुर में चार हाथियों का दल दो हिस्सों में बंटा, तीन भोलगढ़ पहुंचे, एक धनगवां जंगल में डटा


अनूपपुर, 29 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में छत्तीसगढ़ सीमा से लौटे हाथियों के दल की गतिविधियों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पांच दिन पहले जिले में प्रवेश करने वाले चार हाथियों का समूह रविवार शाम दो हिस्सों में बंट गया। तीन हाथियों का झुंड अब अनूपपुर वन परिक्षेत्र के भोलगढ़ बीट अंतर्गत खुरियारी जंगल में पहुंच गया है, जबकि एक अकेला नर हाथी जैतहरी क्षेत्र के धनगवां जंगल में विचरण कर रहा है।

हाथियों के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचने के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। दोनों स्थानों पर वन अमले को तैनात कर हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

वन परिक्षेत्राधिकारी स्वर्ण गौरव सिंह के अनुसार, तीन हाथियों के समूह ने रविवार को अनूपपुर वन परिक्षेत्र के सोनमौहरी बीट स्थित बांस प्लांटेशन क्षेत्र में समय बिताया। शाम होते ही हाथी सेंदुरी से सोनमौहरी की ओर बढ़े और खिरना नदी पार करते हुए अनूपपुर-बिलासपुर एवं अनूपपुर-चिरमिरी रेलवे लाइन को पार कर भोलगढ़ क्षेत्र में पहुंच गए। सोमवार सुबह तक यह समूह खुरियारी जंगल में मौजूद था।

वहीं, एक बड़ा नर हाथी जैतहरी क्षेत्र के गोबरी बीट के झूरहीतलैया जंगल में देखा गया था, जो देर रात धनगवां जंगल की ओर चला गया। वन विभाग के मुताबिक अभी तक हाथियों के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

भोलगढ़ में पहले हो चुकी है हाथी के हमले की घटना

हाथियों की मौजूदगी को लेकर वन विभाग इस बार विशेष सतर्कता बरत रहा है। इसकी वजह अप्रैल माह में भोलगढ़ गांव के जंगल में हुई घटना है, जहां एक आक्रामक नर हाथी ने एक महिला को कुचलकर मार दिया था। इस दौरान महिला के पति और गोद में मौजूद बच्चे को भी हाथी ने घायल कर दिया था। घटना के बाद से ग्रामीणों में हाथियों को लेकर भय बना हुआ है।

37 दिन बाद छत्तीसगढ़ से लौटे हैं हाथी

गौरतलब है कि चार हाथियों का यह समूह करीब 37 दिन बाद छत्तीसगढ़ से वापस अनूपपुर क्षेत्र में लौटा है। इससे पहले भी यह दल करीब पांच महीने तक जिले के अलग-अलग वन क्षेत्रों में विचरण करता रहा था। इस अवधि में हाथियों के हमलों में छह लोगों की मौत हो चुकी थी। वन विभाग अब हाथियों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है और लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

Share this story