केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण जबलपुर ने राज्य पुलिस सेवा के आधिकारियों को दी बड़ी राहत
जबलपुर, 12 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने सोमवार को एक मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। मध्य प्रदेश पुलिस एसोसिएशन द्वारा दायर मूल आवेदन को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण जबलपुर पीठ ने स्वीकार कर लिया है, इसके साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की उस लापरवाही पर कड़ी टिप्पणी की है, जिसमें भारतीय पुलिस सेवा आईपीएस कैडर रिव्यू जैसे अनिवार्य वैधानिक कर्तव्य को समय पर पूरा नहीं किया गया।
आवेदक की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे तथा अक्षय खंडेलवाल ने प्रभावी रूप से यह पक्ष रखा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यूनियन ऑफ इंडिया वर्सेज हेमराज सिंह चौहान सहित अनेक निर्णयों में स्पष्ट किया गया है कि कैडर रिव्यू समयबद्ध और अनिवार्य है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अन्य राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश के अधिकारी अत्यधिक पिछड़े हुए हैं, जिससे गंभीर असमानता उत्पन्न हुई है।
यह याचिका मध्यप्रदेश पुलिस एसोसिएशन की ओर से दायर की गई थी, जिसमें यह मुद्दा उठाया गया कि भारतीय पुलिस सेवा (कैडर) नियम, 1954 के तहत प्रत्येक पाँच वर्ष में कैडर रिव्यू किया जाना अनिवार्य है, किंतु पिछले लगभग दो दशकों से यह प्रक्रिया लगातार विलंबित की जाती रही।
इस देरी के कारण राज्य पुलिस सेवा डीएसपी, एएसपी के अनेक पात्र अधिकारी आईपीएस में पदोन्नति इंडक्शन के अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित हो रहे हैं । ट्रिब्यूनल ने यह माना कि कैडर रिव्यू कोई औपचारिक या विवेकाधीन कार्य नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार पर डाला गया अनिवार्य दायित्व है।
याचिका में यह भी बताया गया कि यदि इसी प्रकार देरी जारी रही तो कई अधिकारी 56 वर्ष की आयु सीमा पार कर जाएंगे और आईपीएस में इंडक्शन का अवसर हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। ट्रिब्यूनल ने इस चिंता को गंभीर मानते हुए सरकारों की निष्क्रियता को अधिकारियों के भविष्य से खिलवाड़ करार दिया।
ट्रिब्यूनल द्वारा आपने आदेश से केंद्र सरकारऔर राज्य सरकार को अतिरिक्त कैडर रिव्यू करने के लिए आदेशित किया है ईवीएम यह प्रक्रिया पूर्ण करने के 120 दिन समय दिया गया है। यह निर्णय न केवल राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए राहतकारी है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि वैधानिक दायित्वों की अनदेखी प्रशासन के लिए स्वीकार्य नहीं है। यह आदेश भविष्य में समयबद्ध कैडर रिव्यू सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नजीर माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

