अनूपपुर: नर्मदा नगरी में मनाया गया आदि गुरु भगवान शंकराचार्य जी की 1238वीं का जन्मोत्सव

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अनूपपुर: नर्मदा नगरी में मनाया गया आदि गुरु भगवान शंकराचार्य जी की 1238वीं का जन्मोत्सव


अनूपपुर: नर्मदा नगरी में मनाया गया आदि गुरु भगवान शंकराचार्य जी की 1238वीं का जन्मोत्सव


अनूपपु्र, 22 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध तीर्थ एवं पर्यटक नगरी मां नर्मदा की उद्गम स्थल अमरकंटक में बुधवार को अमरकंटक संत मंडल ने आदि गुरु भगवान शंकराचार्य जी की 1238वीं जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर श्री नर्मदा मंदिर प्रारंभ होकर संपूर्ण नगर में एक भव्य एवं विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया।

संत परंपरा की गरिमा और सनातन संस्कृति की दिव्यता के साथ आदि गुरु भगवान शंकराचार्य जी की 1238वीं जन्मोत्सव का शुभारंभ श्री नर्मदा मंदिर से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में संत-महात्मा, साधु-संन्यासी, पुजारी एवं श्रद्धालु भगवा ध्वज और जयघोष के साथ शामिल हुए। जहां “हर हर शंकर” और “जय आदि गुरु शंकराचार्य” के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यह शोभायात्रा श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम प्रस्तुत कर रही थी।

इस दौरान अग्नि पीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज (श्री मार्कंडेय आश्रम), स्वामी लवलीन महाराज (धारकुंडी आश्रम, अमरकंटक), स्वामी नर्मदानंद जी महाराज (गीता स्वाध्याय आश्रम, अमरकंटक), स्वामी नर्मदानंद जी महाराज (श्री शंकराचार्य आश्रम, अमरकंटक) तथा श्री नर्मदा मंदिर, अमरकंटक के पुजारी पंडित उमेश द्विवेदी सहित अन्य विभिन्न आश्रमों के संत-महात्मा एवं पुजारी उपस्थित रहे।

इसके पूर्व संतों ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य जी के अद्वैत वेदांत के संदेश, सनातन धर्म के पुनरुत्थान में उनके अद्वितीय योगदान एवं समाज को एक सूत्र में बांधने की प्रेरणा को स्मरण कराया। शंकराचार्य जी का जीवन त्याग, तप और ज्ञान का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी समाज को दिशा प्रदान करता है।

आयोजन के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता सराहनीय रही। नगरवासियों ने भी जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। यह शोभायात्रा न केवल एक धार्मिक आयोजन रही, बल्कि सनातन संस्कृति के गौरव और एकता का सशक्त संदेश भी बनकर उभरी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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