सतनाः टीईटी प्रकरण को लेकर शिक्षक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
सतना, 30 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले के लगभग दो हजार शिक्षकों सेवा में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर उच्चतम न्याया उत्पन्न गंभीर स्थिति के मद्देनजर शासकीय शिक्षक संगठन ने अपने पक्ष की प्रभावी पैरवी हेतु मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय जबलपुर एसके गंगेलें को अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया है।
सतना जिले के 150 से अधिक शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई जाने वाली विविध याचिका की पैरवी गंगेलें करेंगे। ऐसे में जिले सहित प्रदेश के टीईटी परीक्षा से प्रभावित शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद अब बंधी है। संगठन के जिला अध्यक्ष अतुल सिंह परिहार बताया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा रिव्यू पिटीशन न लगाए जाने पर विवश होकर सतना जिले के शिक्षक एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट में विविध याचिका (MA) लगाकर पात्रता परीक्षा संबंधी उच्चतम न्यायालय के निर्णय को चुनौती दे रहे हैं।
प्रांतीय उपाध्यक्ष विवेक सिंह के नेतृत्व में 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में विभिन्न वरिष्ठअधिवक्ताओं से चर्चा करने के उपरांत यह निर्णय लिया। सतना शिक्षकों द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में मिसलिनियस अपील दायर की जा रही है। प्रांतीय संगठन मंत्री रविशंकर तिवारी ने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष पूर्व में सुना ही नहीं गया है। हम सड़क, सरकार और न्यायालयीन प्रयासों के साथ-साथ विधायी स्तर पर भी पहल कर रहे है। सांसद, विधायकों एवं मंत्रियों से संपर्क कर उन्हें इस विषय की गंभीरता से अवगत कराया गया है।
सुप्रीम कोर्ट से में याचिका लगाई जाने के बाद याचिका कर्ताओं की आवश्यक बैठक कन्या धवारी सतना में आयोजित की गई, जिसमें सभी शिक्षकों को न्यायालय में प्रक्रिया से अवगत कराया गया। याचिकाकर्ताओं को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त रखे जाने का अंतरिम आदेश परीक्षा आयोजन से पूर्व प्राप्त किए जाने के प्रयास किया जा रहे हैं। शिक्षा अधिकार अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है कि 2011 के पूर्व नियुक्त
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

