अनूपपुर: सुबह आरती के बाद बंद हुए मंदिरों के पट, शाम को खुलते ही उमडी श्रद्धालुओं की भीड
अनूपपुर, 03 मार्च (हि.स.)। फाल्गुन मास की पूर्णिमा मंगलवार को वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण जिसका सूतक आज पूरे दिन रहा। चंद्रग्रहण खत्म होने के बाद जिला मुख्याालय सहित अनूपपुर सहित पूरे जिले में स्थित मां नर्मदा उद्गम के तटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा, भक्ति और विश्वास के साथ आस्था की डुबकी लगाई, साथ जिले के अलग-अलग स्थाहनों में पवित्र नदियों और सरोबरों में स्नान किया। ग्रहण के बाद धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,शुद्धि और पुण्य लाभ के लिए यह स्नान किया गया।
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में वर्ष के पहले चंद्र ग्रहण मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में मंगलवार को चंद्रग्रहण के कारण सुबह 6:20 बजे मंगला आरती के बाद के बाद पट बंद कर दिया गया। जो रात 7.30 बजे खोला गया। चंद्रग्रहण 03:22 मिनट से लेकर शाम 6:47 मिनट तक चलेगा, इससे 9 घंटे पहले यानी शाम 6:20 बजे से सूतक काल रहा।
नर्मदा मंदिर के प्रधान पुजारी धनेश द्विवेदी (वंदे महाराज) के अनुसार, सूतक काल के दौरान मंदिर में पूजा-पाठ, आरती और भोग का क्रम स्थगित रहेगा। सूतक काल और ग्रहण समाप्ति के बाद पुजारी रात्रि 7:30 बजे मां की संध्या कालीन आरती की,सर्वप्रथम मां को स्नान कराकर श्रृंगार आरती होगी। कलेवा लगाया जाएगा। इसके बाद पट बंद कर दिए जाएंगे। अगले दिन सुबह 6 बजे नियमित समय पर पट खोले जाएंगे।
पुजारी उमेश द्विवेदी ने बताया कि ग्रहण के बाद मंदिर परिसर की शुद्धि और स्नान आदि विधियां पूरी की जाएंगी। मां नर्मदा मंदिर में हर अमावस्या, ग्रहण और विशेष अवसरों पर यही परंपरा निभाई जाती है।
जयघोष के साथ भगवान के नाम का किया जाप, भक्तों ने लगाई डुबकी
अनूपपुर मुख्यालय सहित अमरकंटक, कोतमा, भालूमाड़ा, बदरा, राजनगर, बिजुरी, रामनगर, जैतहरी सहित पुष्पराजगढ़ के ग्रामीण अंचलों में ग्रहण काल के दौरान लोगो ने सोन, तिपान, केवई सहित अमरकंटक के कोटि तीर्थ घाट, गांधी कुंड तथा रामघाट के उत्तर एवं दक्षिण तट पर श्रद्धालुओं ने आस्थाा की डुबकी लगाई। ग्रहण काल में श्रद्धालुओं ने नर्मदा तट पर “हर-हर नर्मदे” के जयघोष के साथ भगवान के नाम का जाप करते रहे। अनेक श्रद्धालु रामायण पाठ एवं पुण्य स्मरण में लीन दिखाई दिए। कुछ श्रद्धालु पुण्य सलिला नर्मदा के शीतल जल में अर्ध प्रवेश कर ध्यान-माला के माध्यम से ईश्वर स्मरण करते रहे। लगभग एक घंटे से अधिक समय तक पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।
मॉ नर्मदा का किया दर्शन
ग्रहण मोक्ष काल के पश्चात हजारों भक्तों ने स्नान कर विधिवत पूजन-अर्चन एवं आरती संपन्न की। नर्मदा उद्गम मंदिर में पुजारियों द्वारा मां नर्मदा का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्नान, श्रृंगार, पूजन एवं आरती की गई तथा भोग-प्रसाद अर्पित किया गया। मंदिर परिसर में दिव्यता और श्रद्धा का अनुपम दृश्य उपस्थित था। रामघाट तट पर राजस्थान के बारां जिले से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपने पूज्य संत आनंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में स्नान-दर्शन कर आध्यात्मिक पुण्य अर्जित किया।
राज्यसभा सांसद ने लाई डुबकी
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद माया नारोलिया भी पूज्य संत सोमेश परसाई के साथ उपस्थित रहीं। वह नर्मदापुरम से मां नर्मदा परिक्रमा यात्रा पर निकले हुए हैं तथा अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम में प्रवासरत हैं। चंद्र ग्रहण की पावन बेला में उन्होंने भी मां नर्मदा में स्नान कर पूजा-अर्चना की।
उल्लेखनीय है कि नववर्ष 2026 का यह प्रथम ग्रहण एवं विदा लेते हिंदू सिद्धार्थी नाम वर्ष का अंतिम ग्रहण होने के कारण दूर-दराज़ से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे। संपूर्ण नगर में आध्यात्मिक उल्लास, श्रद्धा और भक्ति का अनुपम वातावरण व्याप्त रहा। चंद्रमा की शीतल छटा और नर्मदा की पावन धारा के मध्य यह दिव्य दृश्य अमरकंटक की आध्यात्मिक महिमा को पुनः आलोकित कर गया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

