उज्जैन में किशोरी बालिकाओं के लिए नि:शुल्क एचपीवी टीकाकरण शुरू, जिले का पहला टीका लगा सुहानी कुमावत को
उज्जैन, 28 फ़रवरी (हि.स.)। उज्जैन जिले में किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए नि:शुल्क एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है। शनिवार को जिले का पहला टीका शासकीय माधवनगर अस्पताल में सुहानी कुमावत को लगाया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट भी उपस्थित रहे और अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट ने बताया कि किशोरी बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के उद्देश्य से यह विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु की बालिकाओं को नि:शुल्क एचपीवी टीका लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह टीका बाएं हाथ के ऊपरी हिस्से में इंट्रा मस्कुलर पद्धति से लगाया जाता है और इसे खाली पेट नहीं लगाया जाएगा। जिन बालिकाओं को पूर्व में यह टीका लग चुका है, उन्हें दोबारा टीकाकरण की आवश्यकता नहीं होगी।
तीन माह तक चलेगा विशेष अभियान
श्री कूमट ने बताया कि यह अभियान आगामी तीन माह तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी बालिकाओं को 90 दिन की विशेष छूट भी प्रदान की गई है, ताकि वे भी इस अभियान का लाभ ले सकें। अभियान का उद्देश्य लक्षित आयु वर्ग की शत-प्रतिशत बालिकाओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण टीकाकरण उपलब्ध कराकर सर्वाइकल कैंसर से बचाव सुनिश्चित करना है।
इस अभियान का क्रियान्वयन स्वास्थ्य विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग, जिला जनजातीय कार्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से किया जा रहा है।
13 स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी सुविधा
अभिभावक अपनी किशोरी बालिकाओं को जिले के 13 निर्धारित स्वास्थ्य केंद्रों पर ले जाकर नि:शुल्क टीका लगवा सकते हैं। इनमें प्रमुख केंद्र इस प्रकार हैं—
आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज, सुरासा आगर रोड
जिला अस्पताल चरक भवन, आगर रोड
शासकीय अस्पताल माधवनगर
सिविल अस्पताल जीवाजीगंज, उज्जैन
सिविल अस्पताल महिदपुर, नागदा, खाचरौद, बड़नगर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया, नरवर, झारड़ा, तराना और इंगोरिया
इन सभी केंद्रों पर तीन माह तक नियमित रूप से टीकाकरण किया जाएगा।
यूवीन पोर्टल पर अनिवार्य पंजीयन
टीकाकरण के लिए हितग्राहियों को यूवीन पोर्टल पर पंजीयन कराना आवश्यक है। पंजीयन के लिए आयु प्रमाण पत्र के रूप में आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, अपार आईडी, छात्र फोटो प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड, शाला छोड़ने का प्रमाण पत्र, आठवीं कक्षा उत्तीर्ण प्रमाण पत्र, स्थायी शिक्षा क्रमांक, पैन आईडी, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, अनाथ आश्रम का जन्म प्रमाण पत्र अथवा माता-पिता द्वारा सत्यापित दस्तावेज मान्य होंगे। पंजीयन प्रक्रिया के लिए एक वैध मोबाइल नंबर आवश्यक होगा, जिस पर ओटीपी प्राप्त हो सके। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अभियान का लाभ उठाएं और अपनी किशोरी बालिकाओं को समय पर टीका लगवाकर उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल

