अनूपपुर: प्रतिबंधात्मक क्षेत्र में बिना अनुमति ज्ञापन सौंपना भारी पटवारी संघ को

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अनूपपुर: प्रतिबंधात्मक क्षेत्र में बिना अनुमति ज्ञापन सौंपना भारी पटवारी संघ को


अनूपपुर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू होने के बावजूद 8 अक्टूबर को बिना अनुमति एकत्रित होकर ज्ञापन सौंपने और शांति व्यवस्था भंग करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को पटवारी संघ के नेताओं के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।

कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार ज्ञानदास पनिका ने तहसीलदार वेदप्रकाश सिंह के साथ थाना कोतवाली अनूपपुर पहुंचकर अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) के लिखित आदेश के आधार पर मामला दर्ज कराया है।

जानकारी के अनुसार, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अनूपपुर द्वारा 1 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत कलेक्ट्रेट, सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग, खनिज विभाग और जिला पंचायत कार्यालय परिसर के सामने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता/न्याय संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक क्षेत्र घोषित किया गया है। इसके बावजूद 8 अक्टूबर को पटवारी संघ अनूपपुर के बैनर तले संघ के पदाधिकारी सुधीर तिवारी, मिथलेश तिवारी, रामबदन चौधरी सहित अन्य पटवारियों ने बिना सक्षम अनुमति के कलेक्ट्रेट परिसर में अनाधिकृत रूप से प्रवेश किया। वहां एकत्रित होकर उन्होंने ज्ञापन सौंपा, जिससे शासकीय कार्य में बाधा और परिसर की परिशांति भंग हुई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उप खंडीय दण्डाधिकारी ने थाना प्रभारी कोतवाली को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 (लोक सेवक के आदेश की अवहेलना) के तहत सख्त अभियोजन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस ने प्रशासनिक पत्र के आधार पर पटवारी सुधीर तिवारी, मिथलेश तिवारी, रामबदन चौधरी और अन्य के खिलाफ धारा 223(a) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय ने बताया कि एसडीएम अनूपपुर के आदेश और नायब तहसीलदार और तहसीलदार अनूपपुर की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

मप्र पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर अध्यक्ष चेतन सिंह मरावी ने बताया कि ज्ञापन के लिए पूर्व में व्हाट्सएप पर एडीएम अनूपपुर बलवीर रमन को सूचना दिया गया था जिसमें एडीएम अनूपपुर के द्वारा व्हाट्सएप पर ही ओके लिखे जाने के बाद हमने 8 अक्टूबर को ज्ञापन सौंपा है। हमने कोई नारेबाजी नहीं की, शांतिपूर्वक एडीएम अनूपपुर को ज्ञापन दिया। जब हमने पूर्व में ही अनुमति ले ली तो यह किस प्रकार की कार्रवाई हुई? अगर परिसर में प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन है तो 15 सितंबर को भी हमने परिसर में ही ज्ञापन सौंपा था, इसके अलावा 8 अक्टूबर को अगर एडीएम अनूपपुर को आपत्ति होती तो ज्ञापन लेने से इनकार कर जाते और हमें गेट के बाहर जाने के लिए कहते। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। यह कार्रवाई हम पर एक दबाव बनाने की है।

ज्ञातहो कि देवास जिले में ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ सहित अन्य कार्यों के आधार पर पटवारियों के विरुद्ध सेवा समाप्ति तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों में निलंबन व अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। जहां अनूपपुर में पटवारियों के विरुद्ध सेवा समाप्ति, निलंबन एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में मध्यप्रदेश पटवारी संघ की जिला इकाई अनूपपुर ने ऑनलाइन राजस्व कार्यों से विरत रहने का निर्णय लेते हुए, संघ ने इस संबंध में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

संघ का कहना है कि योजना से संबंधित विधिक एवं व्यवहारिक समस्याओं से शासन को पूर्व में अवगत कराया जा चुका है। संघ के निर्णय के अनुसार 7 अक्टूबर से प्रदेश के पटवारी सभी ऑनलाइन राजस्व कार्यों से विरत रहेंगे तथा सभी शासकीय व्हाट्सऐप समूहों से भी बाहर रहेंगे। यह निर्णय तब तक जारी रहेगा, जब तक दंडात्मक कार्रवाई वापस नहीं ली जाती।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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