सड़क और पुल की मांग को लेकर छात्रों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, बारिश ने खोली विकास की पोल

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सड़क और पुल की मांग को लेकर छात्रों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, बारिश ने खोली विकास की पोल


उमरिया, 25 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बारिश के बीच बदहाल सड़क और स्कूल की अव्यवस्थाओं से परेशान ग्राम बड़ागांव के शासकीय हाई स्कूल के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। स्कूल ड्रेस में पहुंचे विद्यार्थियों ने विद्यालय तक पहुंचने के लिए सड़क और पुल की व्यवस्था कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की। छात्रों की शिकायत थी कि कीचड़ और जलभराव के कारण उन्हें स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है और कई बार वे विद्यालय ही नहीं जा पाते।

विद्यार्थियों के कलेक्ट्रेट पहुंचने से परिसर में कुछ देर के लिए हलचल की स्थिति बन गई। छात्रों ने बताया कि विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता बारिश के कारण बेहद खराब हो गया है। रास्ते में कीचड़ और पानी भर जाने से आवागमन मुश्किल है। इसके अलावा विद्यालय की स्थिति भी खराब है। विद्यार्थियों के अनुसार कई कक्षाओं का संचालन एक ही कमरे में किया जा रहा है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर कलेक्टर राखी सहाय मौके पर पहुंचीं और छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल गांव जाकर विद्यालय और पहुंच मार्ग की स्थिति का निरीक्षण करने तथा आवश्यक व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।

छात्रों ने बताई स्कूल की बदहाल स्थिति

कक्षा आठ के छात्र रावेन्द्र सोनी ने बताया कि बड़ागांव स्थित स्कूल की स्थिति खराब है। विद्यालय में चपरासी नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को स्वयं ही सफाई करनी पड़ती है। छात्रों के अनुसार उन्हें फटी हुई मैट पर बैठना पड़ता है और बारिश के दौरान स्कूल की छत से पानी टपकता है। उन्होंने बताया कि कक्षा छह से दसवीं तक के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठकर पढ़ना पड़ता है, जबकि अन्य कमरों में बारिश का पानी भर जाता है।

कक्षा दसवीं की छात्रा दुर्गा सोनी ने बताया कि वह बड़ागांव के पटपरिहा टोला से स्कूल आती है। स्कूल तक जाने वाली सड़क खराब होने के कारण बारिश में समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। रास्ते में नाला पड़ता है, जहां गंदगी और पानी भरा रहता है। इससे विद्यार्थियों के कपड़े और बस्ते तक भीग जाते हैं। छात्रा ने कहा कि लगातार देर से पहुंचने और विद्यालय नहीं जा पाने के कारण उनकी उपस्थिति प्रभावित हो रही है। उन्हें आशंका है कि कम उपस्थिति के कारण बोर्ड परीक्षा में बैठने में परेशानी हो सकती है।

कक्षा दसवीं की छात्रा सोहन महोबिया ने भी बताया कि पटपरिहा टोला से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को बारिश के दिनों में घुटनों तक कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। इसके कारण वे समय पर विद्यालय नहीं पहुंच पाते और उनकी उपस्थिति कम हो रही है। छात्रा के मुताबिक बोर्ड परीक्षा नजदीक होने के बावजूद वे सप्ताह में केवल दो दिन ही स्कूल पहुंच पा रहे हैं।

पीएमजीएसवाई में सड़क स्वीकृत, अस्थायी व्यवस्था के निर्देश

कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि नौरोजाबाद क्षेत्र से आए विद्यार्थियों ने बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ और पानी भरने से स्कूल आने-जाने में हो रही परेशानी की जानकारी दी है। विद्यार्थियों ने विद्यालय से जुड़ी समस्याएं भी बताई हैं, जिन्हें प्रशासन ने संज्ञान में लिया है।

कलेक्टर के अनुसार संबंधित सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत हो चुकी है। स्थायी निर्माण कार्य शुरू होने तक विद्यार्थियों के आवागमन के लिए अस्थायी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले की अन्य खराब सड़कों को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को उन्हें व्यवस्थित कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को मौके पर जाकर विद्यालय की स्थिति का निरीक्षण करने और आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

छात्रों के प्रदर्शन ने बारिश के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल और विद्यालयों की वास्तविक स्थिति को सामने ला दिया है। एक ओर विकास कार्यों को लेकर सरकारी स्तर पर दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों को कीचड़ और जलभराव से गुजरकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। स्कूल में कक्षाओं के संचालन और मूलभूत सुविधाओं की शिकायतों ने शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर भी सवाल खड़े किए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी

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