विदिशाः बेतवा के उफनते पानी में कूदी 11वीं की छात्रा, 30 फीट ऊंचे पुल से छलांग लगाकर सेल्समैन ने बचाई जान
विदिशा, 19 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में बेतवा नदी में आत्मघाती कदम उठाने वाली कक्षा 11वीं की छात्रा की एक युवक ने अपनी जान जोखिम में डालकर जान बचा ली। रायसेन निवासी विनोद पटेरिया ने छात्रा को नदी में छलांग लगाते देखा तो बिना देर किए करीब 30 फीट ऊंचे पुल से नदी में कूद गए। उन्होंने लगभग 150 मीटर तक तैरकर छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाला। युवक की बहादुरी की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार रायसेन शहर के वार्ड क्रमांक 13, शाखा ग्राउंड क्षेत्र निवासी विनोद पटेरिया विदिशा में एक निजी कंपनी में सेल्स मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। वे प्रतिदिन रायसेन से विदिशा आना-जाना करते हैं। बुधवार को भी वह ड्यूटी के लिए विदिशा जा रहे थे। रास्ते में सौठिया गांव के पास बेतवा नदी के पुल पर उन्होंने अपना वाहन रोका। बताया गया है कि वह घर की पूजन सामग्री नदी में विसर्जित करने के लिए वहां रुके थे। इसी दौरान उनकी नजर पुल के पास अकेली खड़ी एक छात्रा पर पड़ी।
विनोद ने छात्रा को अकेले और संदिग्ध स्थिति में खड़े देखा तो उससे बातचीत करने का प्रयास किया। उन्होंने छात्रा से वहां अकेले खड़े होने का कारण पूछा, लेकिन छात्रा ने कोई जवाब नहीं दिया। कुछ ही देर बाद उसने अचानक बेतवा नदी में छलांग लगा दी।
छात्रा को नदी में कूदते देख विनोद ने तत्काल अपनी जान की परवाह किए बिना पुल से नदी में छलांग लगा दी। नदी का पानी तेज बहाव में था, इसके बावजूद उन्होंने छात्रा तक पहुंचने के लिए करीब 150 मीटर तक तैरकर उसे अपने कब्जे में लिया। काफी मशक्कत के बाद वह छात्रा को सुरक्षित नदी से बाहर निकालने में सफल रहे।
घटना की जानकारी जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद विदिशा कलेक्टर ने विनोद पटेरिया के साहस और मानवीय संवेदना की सराहना की। प्रशासन ने उनकी बहादुरी को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। कलेक्टर की ओर से विनोद पटेरिया को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की गई है। विनोद की तत्परता और साहस ने एक छात्रा की जान बचा ली। घटना ने यह भी दिखाया कि संकट की घड़ी में समय पर उठाया गया एक साहसिक कदम किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

