उमरिया के सरकारी स्कूल में छत का प्लास्टर गिरा, छात्र घायल; घटना की सूचना देर से मिलने पर जांच के निर्देश

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उमरिया के सरकारी स्कूल में छत का प्लास्टर गिरा, छात्र घायल; घटना की सूचना देर से मिलने पर जांच के निर्देश


उमरिया, 31 जुलाई (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के उमरिया जिले के ग्राम अखड़ार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा की छत का प्लास्टर गिरने से एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो अन्य छात्रों को भी चोटें आईं। घटना करीब एक सप्ताह पहले की बताई जा रही है, लेकिन इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक समय पर नहीं पहुंची। मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई को विद्यालय की कक्षा 12 के कक्ष में छत का बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया। हादसे में छात्र लवकुश गुप्ता के सिर, कंधे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। अन्य दो छात्रों को भी मामूली चोटें आने की बात सामने आई है। घटना के बाद प्रभावित कक्षा को बंद कर विद्यार्थियों की पढ़ाई दूसरे कमरे में स्थानांतरित कर दी गई।

घायल छात्र लवकुश गुप्ता ने बताया कि वह शौचालय से लौटकर कक्षा में प्रवेश कर रहा था, तभी अचानक छत का प्लास्टर उसके ऊपर गिर गया। उसके अनुसार, विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर गए और इलाज का खर्च भी वहन कर रहे हैं।

छात्र के परिजन विकास गुप्ता ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर वह तत्काल विद्यालय पहुंचे। उनका कहना है कि प्राचार्य ने छात्र के इलाज की जिम्मेदारी ली और अब तक दो बार कटनी ले जाकर उसका उपचार भी कराया है।

इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह बरकड़े ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली। उन्होंने बताया कि संबंधित प्रभारी प्राचार्य से चर्चा की गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्र की स्थिति फिलहाल सुरक्षित है तथा जांच में कंधे के पास मामूली फ्रैक्चर (क्रैक) आने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की सूचना तत्काल विभाग को दी जानी चाहिए थी। पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

घटना ने विद्यालय भवन की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन का निर्माण लगभग पांच वर्ष पहले हुआ था और इतनी कम अवधि में छत का प्लास्टर गिरना निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग करता है। हालांकि, निर्माण में अनियमितता या लापरवाही के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल शिक्षा विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी

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