कलेक्टर्स आबकारी नीति का कड़ाई से कराएं पालन : उप मुख्यमंत्री देवड़ा
- नियमों का उल्लंघन करने वाली मदिरा दुकानों पर होगी सख्त कार्रवाई
भोपाल, 26 मई (हि.स.) । मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जिलों के कलेक्टर्स को आबकारी व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन ने वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति के प्रावधानों को जमीनी स्तर पर पूरी तरह लागू करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
जनसंपर्क अधिकारी संतोष मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि उप मुख्यमंत्री देवड़ा निर्देश दिए हैं कि आबकारी विभाग अब अवैध रूप से संचालित शॉप बार, समय सीमा के उल्लंघन और ओवर रेटिंग जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य व्यापी विशेष अभियान चलाया जाए। नियमों की अनदेखी करने वाले मदिरा ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा है कि प्रदेश में राजपत्र में प्रकाशित नियमों के अनुसार आबकारी नीति का कड़ाई से पालन कराया जाएं। उन्होंने आबकारी विभाग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय ने सभी जिला अधिकारियों को बिंदुवार दिशा-निर्देश जारी कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। सरकार के इस कदम से अवैध रूप से मदिरा का विक्रय और उपभोग कराने वाले तत्वों पर शिकंजा कसेगा।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि नीतिगत प्रावधानों में प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को पूरी तरह 'ऑफ श्रेणी' का घोषित किया गया है, जिसके तहत दुकान परिसर या उसके आसपास मदिरा सेवन की सुविधा उपलब्ध कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने नियमों के उल्लंघन करने की शिकायतों की सघन जांच के लिए विशेष दलों का गठन कर औचक निरीक्षण के बाद अवैध अहातों और उपभोग स्थलों को बंद करने के निर्देश दिये।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा है कि इसके साथ ही, मदिरा दुकानों के निर्धारित समय से पहले खुलने और बंद होने के तय वक्त के बाद भी देर रात तक मदिरा की बिक्री किए जाने के मामलों को गंभीरता से लिया गया है। राजपत्र में निर्धारित समय सीमा का कड़ाई से पालन कराने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें गश्त करेंगी। वहीं, उपभोक्ताओं से तय मूल्य से अधिक राशि वसूलने यानी ओवर रेटिंग की शिकायतों पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक दुकान पर विक्रय दरों का प्रदर्शन अनिवार्य किया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मदिरा की वास्तविक दरों के सत्यापन के लिये दुकानों पर क्यूआर कोड चस्पा किए जाएं। कोई भी ठेकेदार यदि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर मदिरा बेचता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ राजपत्र के प्रावधानों के तहत भारी जुर्माना और लाइसेंस निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जाएं।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा है कि प्रदेश के पवित्र घोषित किए गए नगरों और क्षेत्रों में मदिरा की अवैध बिक्री पर भी पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गये हैं। इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में पूर्व से ही मदिरा दुकानों को पूरी तरह बंद रखने के आदेश लागू हैं। अब वहां किसी भी प्रकार के शराब के अवैध परिवहन या बिक्री को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

