इंदौर में राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव का आयोजन होगा 28 अक्टूबर को

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इंदौर में राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव का आयोजन होगा 28 अक्टूबर को


- निजी निवेश, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और नियामकीय प्रक्रियाओं के सरलीकरण से खुलेंगे आवास विकास के नए अवसर

- पोर्टल ugconclave.mp.gov.in पर सहभागिता के लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रारंभ

भोपाल, 17 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में तीव्र गति से हो रहे शहरीकरण को दृष्टिगत रखते हुए नागरिकों की आवासीय आवश्यकताओं की समुचित पूर्ति तथा सर्वसुलभ एवं किफायती आवासों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। आगामी 28 अक्टूबर, 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय 'अर्बन कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया जा रहा है।

जनसंपर्क अधिकारी अवंतिका जायसवाल ने शनिवार को बताया कि कॉन्क्लेव में शहरी आवास विकास, निजी निवेश की संभावनाओं, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) और भविष्य की भावी आवश्यकताओं के अनुरूप शहरों के सुव्यवस्थित नियोजन से जुड़े विभिन्न नीतिगत एवं क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर गहन विचार-मंथन किया जाएगा। कॉन्क्लेव से प्रदेश में समावेशी शहरी विकास के नए अवसरों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) एवं निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के परिवारों के लिए सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और किफायती आवासों की सुलभता सुनिश्चित करने के सतत् प्रयासों को एक नई दिशा प्राप्त होगी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के नगरों में बढ़ती आवासीय मांग को ध्यान में रखते हुए ऐसे प्रगतिशील एवं नवोन्मेषी विकास मॉडलों को अंगीकार करने पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे समाज के प्रत्येक जरूरतमंद वर्ग को उसकी आर्थिक क्षमता के अनुरूप समुचित आवास उपलब्ध कराए जा सकें। इस दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0' के दूरगामी उद्देश्यों के सर्वथा अनुरूप आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार, शासकीय भूमि का पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग तथा आधुनिक तकनीक आधारित विकास मॉडलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह अनूठी पहल प्रदेश की दीर्घकालीन आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ ही एक सशक्त, समृद्ध एवं सतत शहरी अधोसंरचना के निर्माण में अत्यधिक सहायक सिद्ध होगी।

जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि शहरी आवास विकास के लिए पर्याप्त भूमि की सुलभता सुनिश्चित करने तथा किफायती आवास परियोजनाओं को वित्तीय व व्यावहारिक दृष्टि से अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विकास संबंधी नियमों एवं प्रावधानों में समयानुकूल सुधार किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत फ्लोर एरिया रेशियो में न्यायसंगत वृद्धि, विभिन्न शुल्कों एवं प्रभारों में विशेष रियायत तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर आधारित विकास मॉडलों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित किया जा रहा है। इन दूरदर्शी उपायों से स्थापत्य एवं आवास निर्माण क्षेत्र में निजी पूंजी निवेश की व्यापक संभावनाएं उत्पन्न होंगी। अर्बन कॉन्क्लेव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित निवेशकों, विषय विशेषज्ञों, नगरीय विकास निकायों तथा वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से इस क्षेत्र में नए अवसरों का सूत्रपात होगा।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा आवासीय आवश्यकताओं को केवल पारंपरिक निर्माण तक सीमित न रखकर एक समग्र एवं व्यापक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। इसके तहत किफायती किराये के आवासों, औद्योगिक एवं निर्माण श्रमिकों के लिए सुरक्षित आवासीय परिसरों तथा समाज के विभिन्न आय वर्गों की विविध आवश्यकताओं के अनुसार सर्वसुविधायुक्त विकल्पों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसके साथ ही बस्तियों के पुनर्विकास तथा बुनियादी जन-सुविधाओं का विस्तार कर शहरी निवासियों के जीवन स्तर के उन्नयन के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इससे आजीविका की तलाश में शहरों में आगमन करने वाले श्रमिकों सहित प्रत्येक जरूरतमंद वर्ग को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवासीय विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।

जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव शहरी विकास के क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, प्रमुख निवेशकों, वित्तीय संस्थानों, नवोन्मेषी स्टार्ट-अप्स तथा ऊर्जावान युवाओं को मध्यप्रदेश में सृजित हो रही अपार विकास संभावनाओं से सीधे जुड़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। कॉनक्लेव में सहभागिता के इच्छुक निवेशक, स्टार्ट-अप्स एवं युवा आधिकारिक पोर्टल https://ugconclave.mp.gov.in/ पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं। राज्य सरकार की इस दूरदर्शी पहल से प्रदेश के शहरों में सतत, समावेशी एवं आधुनिक विकास का नया अध्याय प्रारंभ होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

Livevns.news Desk
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