केंद्र के समान दो प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग, कर्मचारियों को फैसले का इंतजार

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केंद्र के समान दो प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग, कर्मचारियों को फैसले का इंतजार


भोपाल, 02 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता दिए जाने की मांग फिर उठने लगी है। समग्र पिछड़ा वर्ग सामाजिक संगठन मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राम विश्वास कुशवाहा ने मुख्यमंत्री से प्रदेश के कर्मचारियों के लिए केंद्र के समान दो प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता लागू करने की अपील की है।

इस संबंध में शुक्रवार को उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों के वेतन में महंगाई भत्ते की समय पर वृद्धि आवश्यक है और पूर्व में राज्य सरकार द्वारा केंद्र की डीए वृद्धि के अनुरूप राज्य के कर्मचारियों को लाभ देने की घोषणा की गई थी। उक्त घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में हुई थी कि केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में वृद्धि किए जाने पर राज्य सरकार भी उसी अनुपात में वृद्धि लागू करेगी।

केंद्र में डीए 60 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 58 प्रतिशत

उल्लेखनीय है कि महंगाई भत्ते को लेकर केंद्र और मध्य प्रदेश के कर्मचारियों के बीच अंतर का मुद्दा पिछले कुछ समय से चर्चा में है। केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी थी। इसके बाद डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार इस वृद्धि से लगभग 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.27 लाख पेंशनर लाभान्वित हुए तथा केंद्र सरकार पर सालाना करीब 6,791.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा।

मध्य प्रदेश में मार्च 2026 में राज्य मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में तीन प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी थी। इसके बाद राज्य कर्मचारियों के लिए डीए 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हुआ। यह वृद्धि एक जुलाई 2025 से प्रभावी की गई और इसका भुगतान अप्रैल 2026 से किया गया। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर का भुगतान छह समान किस्तों में किया जाना तय हुआ।

अब मुख्य मुद्दा केंद्र और राज्य के डीए के बीच मौजूद दो प्रतिशत के अंतर का है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जब केंद्र सरकार महंगाई भत्ते में वृद्धि कर चुकी है तो राज्य कर्मचारियों को भी समान लाभ दिए जाने से वेतन व्यवस्था में अंतर कम होगा। सितंबर के अंत में प्रकाशित रिपोर्टों में भी मध्य प्रदेश के कर्मचारियों के लिए दो प्रतिशत डीए वृद्धि की संभावनाओं का उल्लेख किया गया था। जानकारी के अनुसार प्रदेश में सात लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी इस वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे हैं और राज्य सरकार द्वारा केंद्र के अगले डीए निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की चर्चा है।

महंगाई भत्ता क्यों महत्वपूर्ण

महंगाई भत्ता कर्मचारियों की क्रयशक्ति को महंगाई के प्रभाव से आंशिक रूप से सुरक्षित करने के उद्देश्य से वेतन का महत्वपूर्ण घटक है। खाद्य पदार्थों, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों की लागत बढ़ने पर कर्मचारियों के वास्तविक वेतन पर असर पड़ता है। ऐसे में डीए में वृद्धि का सीधा संबंध कर्मचारियों की मासिक आय से होता है।

कर्मचारियों के लिए डीए वृद्धि के साथ एरियर का सवाल भी महत्वपूर्ण है। यदि सरकार पिछली प्रभावी तिथि से वृद्धि लागू करती है तो उस अवधि का बकाया कर्मचारियों को एरियर के रूप में दिया जा सकता है। मध्य प्रदेश में पिछली डीए वृद्धि के समय भी एक जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की एरियर राशि छह समान किस्तों में देने का निर्णय किया गया था, इसलिए कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि नई वृद्धि की घोषणा के साथ इसकी प्रभावी तिथि और एरियर भुगतान की स्थिति भी स्पष्ट की जाए, ताकि कर्मचारियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो।

मुख्यमंत्री से शीघ्र घोषणा की अपील

राम विश्वास कुशवाहा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि केंद्र और राज्य के बीच डीए के अंतर को समाप्त करने के लिए जल्द निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता मिलने से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और राज्य सरकार की पूर्व में व्यक्त नीति के अनुरूप भी स्थिति बनेगी। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार इस विषय पर स्पष्ट निर्णय लेकर दो प्रतिशत डीए का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराए।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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