सागर खेल परिसर में वॉकर्स पर शुल्क के फैसले का विरोध, फिलहाल वसूली पर शनिवार तक रोक

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सागर खेल परिसर में वॉकर्स पर शुल्क के फैसले का विरोध, फिलहाल वसूली पर शनिवार तक रोक


सागर, 06 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर स्थित खेल परिसर में मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के लिए आने वाले नागरिकों से शुल्क लेने के निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। जिला खेल एवं युवा कल्याण कार्यालय द्वारा लागू की गई नई शुल्क व्यवस्था के बाद नागरिकों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने इस पर आपत्ति जताई है। विरोध के बीच फिलहाल शुल्क वसूली पर शनिवार तक मौखिक रोक लगा दी गई है।

जानकारी के अनुसार, कलेक्टर एवं खिलाड़ी प्रशिक्षक समिति के अनुमोदन के बाद खेल परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर नई शुल्क व्यवस्था का सूचना बोर्ड लगाया गया है। इसके तहत एक अगस्त 2026 से एकमुश्त 500 रुपये पंजीयन शुल्क, 300 रुपये मासिक अनुरक्षण शुल्क तथा 10 रुपये प्रवेश कार्ड शुल्क निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था एथलेटिक्स, बैडमिंटन, जिम्नास्टिक और बास्केटबॉल के खिलाड़ियों के साथ-साथ सिंथेटिक ट्रैक और मैदान का उपयोग करने वाले सामान्य वॉकर्स पर भी लागू की गई है। साथ ही बिना पहचान-पत्र और खेल-अनुकूल जूतों के प्रवेश नहीं देने का प्रावधान किया गया है।

प्रतिदिन सुबह और शाम खेल परिसर में लगभग दो हजार नागरिक, जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और खिलाड़ी शामिल हैं, स्वास्थ्य लाभ और अभ्यास के लिए पहुंचते हैं। अब तक यह सुविधा निःशुल्क उपलब्ध थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कई नागरिकों ने स्वास्थ्य संबंधी गतिविधि के लिए शुल्क लगाए जाने पर आपत्ति जताई है। प्रवेश द्वार पर पहचान-पत्र की जांच को लेकर भी कुछ स्थानों पर विवाद की स्थिति बनने की बात सामने आई है।

स्थानीय नागरिकों और खेल प्रेमियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि केवल टहलने आने वाले नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को शुल्क से मुक्त रखा जाए अथवा उनके लिए नाममात्र का शुल्क निर्धारित किया जाए। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को भी इस व्यवस्था से राहत देने की मांग उठाई गई है।

मामले के तूल पकड़ने के बाद नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने खेल विभाग से संपर्क किया। जिला खेल प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष संतोष दुबे ने बताया कि जिला खेल अधिकारी शर्मिला डाबर से चर्चा के बाद शनिवार तक शुल्क वसूली पर मौखिक रूप से रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

बताया गया है कि जिला खेल अधिकारी के सोमवार को सागर लौटने के बाद खिलाड़ियों, नागरिकों और संबंधित पक्षों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद शुल्क व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

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